EMI = P × r × (1 + r)^n ÷ ((1 + r)^n − 1), जहां P लोन की रकम, r महीने की ब्याज दर और n महीनों की गिनती है। ₹1,00,000 पर 12% सालाना, 12 महीने के लिए इससे ₹8,884.88 आता है, जिसे बैंक ₹8,885 कर देता है। नीचे यही हिसाब हाथ से, Excel में और मोबाइल पर।
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EMI का फार्मूला क्या है?
EMI = P × r × (1 + r)^n ÷ ((1 + r)^n − 1)
- P लोन की रकम (मूलधन), रुपये में।
- r महीने की ब्याज दर, दशमलव में: सालाना दर ÷ 12 ÷ 100। 12% सालाना पर r = 12 ÷ 12 ÷ 100 = 0.01।
- n कितनी मासिक किस्तें। 2 साल के लोन में n = 24।
यहां सालाना दर बैंक की reducing rate (घटते बकाया पर दर) है, वही जो लोन ऑफ़र पर लिखी होती है। अगर कोई flat rate बताए, तो पहले उसे बदलिए: flat और reducing ब्याज दर देखिए।
EMI निकालने का उदाहरण: ₹1,00,000, 12% पर, 12 महीने
- महीने की दर। r = 12 ÷ 12 ÷ 100 = 0.01।
- (1 + r)^n निकालिए। (1 + r)^n = 1.01^12। हाथ से करना हो तो बार-बार वर्ग कीजिए: 1.01² = 1.0201, 1.01⁴ = 1.040604, 1.01⁸ = 1.082857। फिर 1.01¹² = 1.01⁸ × 1.01⁴ = 1.126825।
- फार्मूले का ऊपर वाला हिस्सा। P × r × (1 + r)^n = ₹1,00,000 × 0.01 × 1.126825 = 1,126.825।
- नीचे वाला हिस्सा। (1 + r)^n − 1 = 1.126825 − 1 = 0.126825।
- भाग दीजिए। EMI = 1,126.825 ÷ 0.126825 = ₹8,884.88।
- गोल कीजिए। बैंक पूरे रुपये की EMI लेता है: ₹8,885।
12 महीने में कुल ₹1,06,618.46 लौटते हैं, जिसमें ₹6,618.46 ब्याज है। यह ठीक 12 × ₹8,885 क्यों नहीं है, यह आगे समझाया है।
कैलकुलेटर में आज़माएँयह लोन हमारे EMI कैलकुलेटर में खोलिए, फिर रकम, दर या महीने बदलकर देखिए।मोबाइल कैलकुलेटर से EMI कैसे निकाले (emi kaise nikale mobile se)
फ़ोन का कोई भी कैलकुलेटर चलेगा जिसमें xʸ (या ^) बटन हो। बटन न दिखे तो फ़ोन को आड़ा कीजिए या scientific वाला कैलकुलेटर खोलिए। ₹1,00,000, 12%, 12 महीने का हिसाब, बटन-दर-बटन:
- मन में 1 + r निकालिए: 12 ÷ 12 ÷ 100 = 0.01, यानी 1 + r = 1.01।
- 1.01 लिखिए, xʸ दबाइए, 12 लिखिए, = दबाइए। 1.126825 आएगा। इसे लिख लीजिए।
- × 0.01 × 100000 = दबाइए। 1,126.825 आएगा: फार्मूले का ऊपर वाला हिस्सा। इसे भी लिख लीजिए।
- 1.126825 − 1 = लिखिए। 0.126825 आएगा: नीचे वाला हिस्सा।
- 1126.825 ÷ 0.126825 = लिखिए। 8,884.88 आएगा: यही EMI है, ₹8,884.88।
xʸ बटन नहीं है? 1.01 को खुद से गुणा कीजिए: 1.01 × 1.01 × 1.01 इसी तरह, 1.01 कुल 12 बार लिखकर, फिर तीसरे कदम से आगे बढ़िए।
दूसरा उदाहरण: ₹5,00,000, 10.5% पर, 5 साल
- r = 10.5 ÷ 12 ÷ 100 = 0.00875, और n = 5 × 12 = 60।
- (1 + r)^n = 1.00875^60 = 1.686603। इसे हाथ से निकालना लंबा काम है; मोबाइल कैलकुलेटर का xʸ बटन यह तुरंत कर देता है।
- ऊपर: ₹5,00,000 × 0.00875 × 1.686603 = 7,378.888।
- नीचे: 1.686603 − 1 = 0.686603।
- EMI = 7,378.888 ÷ 0.686603 = ₹10,746.95, जो बैंक ₹10,747 लेता है।
60 महीने में कुल ब्याज ₹1,44,816.17 बनता है। साधारण ब्याज के हिसाब से यह कितना है, यह EMI और साधारण ब्याज में निकाला गया है।
हर EMI ब्याज और मूलधन में कैसे बंटती है
हर EMI दो काम करती है। पहले इस महीने का ब्याज चुकाती है, जो बचे वह लोन घटाता है।
- ब्याज = महीने की शुरुआत का बकाया × r
- मूलधन में गया = EMI − ब्याज
- नया बकाया = पुराना बकाया − मूलधन में गया
| महीना | शुरू का बकाया | EMI | ब्याज | मूलधन में गया | आख़िर का बकाया |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | ₹1,00,000 | ₹8,885 | ₹1,000 | ₹7,885 | ₹92,115 |
| 2 | ₹92,115 | ₹8,885 | ₹921.15 | ₹7,963.85 | ₹84,151.15 |
| 3 | ₹84,151.15 | ₹8,885 | ₹841.51 | ₹8,043.49 | ₹76,107.66 |
पहला महीना: ₹1,00,000 × 0.01 = ₹1,000 ब्याज, यानी ₹8,885 में से ₹7,885 लोन में गए और बकाया ₹92,115 रहा। दूसरा महीना: ₹92,115 × 0.01 = ₹921.15, और ₹7,963.85 से लोन घटा। तीसरा महीना: ₹84,151.15 × 0.01 = ₹841.51। हर महीने ब्याज जितना घटता है, मूलधन वाला हिस्सा ठीक उतना ही बढ़ता है, क्योंकि EMI वही रहती है।
शुरू में ब्याज ज़्यादा और बाद में कम क्यों होता है
ब्याज बचे हुए बकाया पर लगता है, और बकाया सबसे ज़्यादा शुरू में होता है। हर EMI से बकाया घटता है, तो ब्याज का हिस्सा छोटा होता जाता है और उसी EMI का ज़्यादा हिस्सा लोन चुकाने में जाता है। इस लोन के आख़िरी महीने में ब्याज सिर्फ़ ₹87.96 है।
लोन जितना लंबा, शुरू की EMI में ब्याज का हिस्सा उतना बड़ा। यही ₹1,00,000, 12% पर, लंबी अवधि के लिए:
| अवधि | EMI | पहली EMI में ब्याज | पहली EMI में ब्याज का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 12 महीने | ₹8,885 | ₹1,000 | 11% |
| 36 महीने | ₹3,321 | ₹1,000 | 30% |
| 60 महीने | ₹2,224 | ₹1,000 | 45% |
इसीलिए लोन का कुछ हिस्सा जल्दी चुका देने से उतनी ही रकम आख़िर में चुकाने से ज़्यादा ब्याज बचता है: जल्दी लौटाए गए पैसे पर बाकी बचे हर महीने का ब्याज बंद हो जाता है।
बैंक EMI को कैसे गोल करते हैं, और आख़िरी किस्त अलग क्यों होती है
फार्मूले से ₹8,884.88 आता है, पर बैंक आमतौर पर EMI को पूरे रुपये में गोल कर देते हैं: यहां ₹8,885, जो ठीक हिसाब से ₹0.12 ज़्यादा है। हर महीने के ये कुछ पैसे लोन को थोड़ा पहले खत्म कर देते हैं, इसलिए 12वीं किस्त सिर्फ़ ₹8,883.46 की होती है: बचा हुआ ₹8,795.50 और ₹87.96 ब्याज।
इसीलिए कुल ब्याज ₹6,618.46 है, 12 × ₹8,885 − ₹1,00,000 = ₹6,620 नहीं। अगर EMI नीचे की ओर गोल की जाए, तो आख़िरी किस्त थोड़ी बड़ी निकलती है।
कुछ लेंडर ब्याज हर महीने के असली दिनों से गिनते हैं, या लोन मिलने से पहली EMI तक के दिनों का ब्याज अलग से लेते हैं। इसलिए आपके बैंक का शेड्यूल इस तालिका से कुछ रुपये अलग हो सकता है। तरीका वही है।
हाथ से EMI निकालते समय आम गलतियां
- r में सालाना दर डाल देना। r महीने की दर है, दशमलव में: 12% सालाना यानी 0.01, न कि 12 या 0.12। गलती से 0.12 डालें तो EMI ₹16,143.68 आएगी।
- n को साल में गिनना। n मासिक किस्तों की गिनती है, इसलिए 5 साल के लोन में n = 60 है, 5 नहीं।
- फार्मूले में flat rate डालना। फार्मूले को reducing rate चाहिए। Flat rate हो तो पहले उसे बदलिए।
- (1 + r)^n को जल्दी गोल कर देना। कम से कम छह दशमलव रखिए। 1.126825 को 1.13 कर दें तो EMI ₹8,884.88 की जगह ₹8,692.31 आती है।
Excel और Google Sheets में EMI, खाना-दर-खाना (excel me emi kaise nikale)
पांच फ़ंक्शन से सारा काम हो जाता है: EMI के लिए PMT, किसी भी महीने के ब्याज और मूलधन के लिए IPMT और PPMT, EMI के पीछे की दर के लिए RATE, और किस्तों की गिनती के लिए NPER। खाली शीट के कॉलम B में लोन भरिए:
| खाना | क्या है | यह लिखिए | दिखेगा |
|---|---|---|---|
| B1 | लोन | 100000 | 1,00,000 |
| B2 | सालाना दर | 12% | 12% |
| B3 | महीने | 12 | 12 |
| B4 | EMI | =PMT(B2/12, B3, -B1) | 8,884.88 |
| B5 | बैंक वाली EMI | =ROUND(B4, 0) | 8,885 |
| B6 | EMI से दर | =RATE(B3, -B5, B1)*12 | 12% |
| B7 | कितनी किस्तें | =NPER(B2/12, -B5, B1) | 12 |
दर को 12 से भाग इसलिए देते हैं क्योंकि किस्त महीने की है, और लोन के आगे माइनस इसलिए कि EMI पॉज़िटिव आए। RATE महीने की दर देता है, इसलिए उसे 12 से गुणा करते हैं। अब महीने-दर-महीने की तालिका: पंक्ति 10 में शीर्षक लिखिए (महीना, ब्याज, मूलधन, बकाया) और पंक्ति 11 भरिए।
| खाना | यह लिखिए | दिखेगा |
|---|---|---|
| A11 | 1 | 1 |
| B11 | =IPMT($B$2/12, A11, $B$3, -$B$1) | 1,000.00 |
| C11 | =PPMT($B$2/12, A11, $B$3, -$B$1) | 7,884.88 |
| D11 | =$B$1-SUM($C$11:C11) | 92,115.12 |
A12 में =A11+1 लिखिए, B11:D11 को पंक्ति 12 में कॉपी कीजिए, फिर पंक्ति 12 को 22 तक नीचे खींचिए, सभी 12 महीनों के लिए। दूसरे महीने का ब्याज ₹921.15 आता है। ये फ़ंक्शन ठीक-ठीक EMI ₹8,884.88 पर चलते हैं, इसलिए बैंक की तालिका, जो ₹8,885 पर बनती है, से कुछ पैसे अलग हो सकते हैं।
Excel में EMI से ब्याज दर कैसे निकाले (RATE)
फार्मूला दर से EMI निकालता है। उल्टा, EMI से दर निकालने का कोई सीधा फार्मूला नहीं है, क्योंकि दर (1 + r)^n के अंदर ऊपर और नीचे दोनों जगह है। इसे अंदाज़े से निकालते हैं: कोई दर मानिए, EMI निकालिए, फिर दर घटाइए या बढ़ाइए। RATE यही करता है।
स्प्रेडशीट में =RATE(12, -8885, 100000)*12 से लगभग 12% आता है। RATE महीने की दर अंदाज़े से जांचकर निकालता है, इसलिए उसे 12 से गुणा कीजिए। स्प्रेडशीट न हो तो हमारा EMI से ब्याज दर कैलकुलेटर इस्तेमाल कीजिए: वह इसी तरह दर निकालता है और प्रोसेसिंग फ़ीस भी गिनता है। यह दर साधारण ब्याज और सैकड़ा में कितनी है, यह EMI और साधारण ब्याज में पढ़िए।
कैलकुलेटर में आज़माएँसिर्फ़ EMI पता है? उसे डालिए और बैंक की दर, flat rate और सैकड़ा देखिए।कितनी किस्तें बाकी हैं? (NPER)
NPER बताता है कि "कितनी किस्तों में लोन चुकेगा": इसे महीने की दर, EMI और बाकी रकम दीजिए। दर बढ़ने पर जब लेंडर EMI वही रखकर लोन लंबा कर देता है, तब यह काम आता है।
=NPER(सालाना दर/12, -EMI, बाकी रकम)
8 छोटे जवाबEMI फार्मूला और Excel: आम सवाल
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EMI निकालने का फार्मूला क्या है?
EMI = P × r × (1 + r)^n ÷ ((1 + r)^n − 1)। P लोन की रकम है, r महीने की दर (सालाना दर ÷ 12 ÷ 100) और n मासिक किस्तों की गिनती। ₹1,00,000 पर 12% से 12 महीने के लिए इससे ₹8,884.88 आता है।
Excel या Google Sheets में EMI कैसे निकाले?
PMT फ़ंक्शन लगाइए: =PMT(सालाना दर/12, महीने, -लोन)। ₹5,00,000 पर 10.5% से 5 साल के लिए =PMT(10.5%/12, 60, -500000) से ₹10,746.95 आता है। लोन से पहले माइनस लगाने से जवाब पॉज़िटिव आता है। बैंक जैसी पूरे रुपये की EMI के लिए =ROUND(PMT(10.5%/12, 60, -500000), 0) लिखिए: ₹10,747।
Excel में EMI का ब्याज और मूलधन अलग-अलग कैसे निकाले?
ब्याज के लिए IPMT और मूलधन के लिए PPMT लगाइए; दूसरी जगह महीने का नंबर आता है। ₹1,00,000 पर 12% से 12 महीने के लिए =IPMT(12%/12, 1, 12, -100000) से ₹1,000 और =PPMT(12%/12, 1, 12, -100000) से ₹7,884.88 आता है। महीना 2 कीजिए तो ब्याज घटकर ₹921.15 रह जाता है, और मूलधन वाला हिस्सा उतना ही बढ़ जाता है।
Excel में EMI से ब्याज दर कैसे निकाले?
RATE लगाइए और 12 से गुणा कीजिए, क्योंकि RATE महीने की दर देता है: =RATE(महीने, -EMI, लोन)*12। ₹5,00,000 पर 60 महीने तक ₹10,747 की EMI के लिए =RATE(60, -10747, 500000)*12 से लगभग 10.5% आता है। RATE भी दर अंदाज़े से जांचते हुए निकालता है, जैसे हमारा EMI से ब्याज दर कैलकुलेटर।
EMI से लोन की अवधि कैसे निकाले?
NPER लगाइए: =NPER(सालाना दर/12, -EMI, लोन)। इससे मासिक किस्तों की गिनती मिलती है। ₹1,00,000 पर 12% और ₹8,885 की EMI: =NPER(12%/12, -8885, 100000) से 12 आता है, यानी 12 किस्तें। चल रहे लोन में बाकी रकम डालिए, तो पता चलेगा कि कितनी किस्तें बची हैं।
मोबाइल कैलकुलेटर से EMI कैसे निकाले?
xʸ बटन से। ₹1,00,000 पर 12% से 12 महीने: 1.01 xʸ 12 = 1.126825। फिर 1,00,000 × 0.01 × 1.126825 = 1,126.825। इसे 1.126825 − 1, यानी 0.126825 से भाग दीजिए: ₹8,884.88। xʸ बटन न हो तो 1.01 × 1.01 × 1.01 इसी तरह गुणा कीजिए, 1.01 कुल 12 बार लिखकर।
EMI फार्मूले में r और n क्या हैं?
r महीने की ब्याज दर है, दशमलव में: सालाना दर ÷ 12 ÷ 100, यानी 12% सालाना पर 0.01 और 10.5% पर 0.00875। n मासिक किस्तों की गिनती है, यानी 5 साल के लोन में n = 60। r में सालाना दर या n में साल डाल देना सबसे आम गलती है।
मेरी आख़िरी EMI बाकी किस्तों से अलग क्यों है?
क्योंकि EMI पूरे रुपये में गोल की जाती है। ऊपर की ओर गोल हो तो लोन थोड़ा पहले खत्म होता है और आख़िरी किस्त छोटी होती है (हमारे उदाहरण में ₹8,883.46); नीचे की ओर गोल हो तो थोड़ी बड़ी।