उधार दी रकम और बीच में लौटाया हर पैसा (पार्ट पेमेंट) तारीख के साथ लिखिए (udhar ka hisab)। हर भुगतान के दिन पहले तब तक का बकाया ब्याज कटता है, बाकी से मूल घटता है। 1 जनवरी 2026 को ₹1,00,000, ₹2 सैकड़ा पर; 1 मई को ₹20,000 लौटे: ₹8,000 ब्याज में, ₹12,000 मूल में, बाकी ₹88,000।
बीच में पैसा लौटाने पर ब्याज कैसे निकलता है
हर भुगतान के दिन कैलकुलेटर पिछले भुगतान से अब तक का ब्याज निकालता है, उसमें पहले का बकाया ब्याज जोड़ता है, और लौटाई रकम पहले इसी कुल ब्याज में घटाता है। बही-खाते में और भारत की अदालतों में यही आम नियम है, जब तक दोनों ने कुछ और तय न किया हो (पहले ब्याज क्यों)।
- रकम बकाया ब्याज से कम हो: पूरी रकम ब्याज में जाती है। मूल वही रहता है और बचा ब्याज बकाया रहता है।
- रकम बकाया ब्याज से ज़्यादा हो: ब्याज चुकता होता है और बाकी पैसा मूल घटाता है। उस दिन से ब्याज घटे मूल पर लगता है।
बकाया ब्याज = पहले का बकाया + मूल × सैकड़ा × महीने ÷ 100
महीने यानी पिछले भुगतान से पूरे कैलेंडर महीने, और बचे दिन महीने का 1/30।
| तारीख | लौटाए | बकाया ब्याज | ब्याज में | मूल में | बचा मूल |
|---|---|---|---|---|---|
| 15 फ़रवरी | ₹1,500 | ₹2,933.33 | ₹1,500 | ₹0 | ₹1,00,000 |
| 1 मई | ₹20,000 | ₹6,500 | ₹6,500 | ₹13,500 | ₹86,500 |
उधार का हिसाब: बाद में और पैसा दिया हो तो
हर रकम पर उसकी अपनी तारीख से ब्याज लगता है। मान लीजिए 1 जनवरी को ₹50,000 दिए, 1 अप्रैल को और ₹25,000, और 1 जुलाई को ₹30,000 लौटे। तब तक पहली रकम पर ₹6,000 और दूसरी पर ₹1,500, कुल ₹7,500 ब्याज बना। भुगतान से यह चुकता हुआ और मूल ₹22,500 घटकर ₹52,500 रह गया।
दोस्त या रिश्तेदार को दिया उधार, दुकान की उधारी, या किसी एक आदमी के साथ लेन-देन का खाता, सबका हिसाब ऐसे ही बनता है।
कैलकुलेटर में आज़माएँबाद में और उधार वाला उदाहरण खोलेंबैंक का पार्ट पेमेंट कैलकुलेटर अलग जवाब क्यों देता है
बैंक के प्रीपेमेंट कैलकुलेटर EMI वाले लोन के लिए बने हैं। हर EMI उस महीने का ब्याज पहले ही चुका देती है, इसलिए ऊपर से दिया पैसा सीधे मूलधन घटाता है, और कैलकुलेटर छोटी अवधि या छोटी EMI दिखाता है। सैकड़ा वाले उधार में EMI नहीं होती: भुगतानों के बीच ब्याज जमा होता है, इसलिए भुगतान पहले उसे चुकाता है। EMI लोन के लिए EMI कैलकुलेटर देखिए।
साधारण ब्याज या चक्रवृद्धि?
शुरू में ब्याज साधारण है: बकाया ब्याज आगे चलता है, पर उस पर ब्याज नहीं लगता। अगर आपके बीच हर महीने, तिमाही, छमाही या साल ब्याज मूल में जोड़ना तय है, तो और विकल्प में वह चुनें। तब हिसाब में हर बार "मूल में जोड़ा" की लाइन दिखेगी। देखिए साधारण और चक्रवृद्धि ब्याज।
दामदुपट की चेतावनी
बकाया ब्याज मूल के 80% तक पहुँचे तो कैलकुलेटर चेतावनी देता है, और मूल के बराबर होने पर फिर से। ₹50,000 पर ₹2 सैकड़ा, बीच में कुछ न लौटे, तो 40 महीने बाद ब्याज ₹40,000 और 50 महीने बाद ₹50,000 होता है। कुछ राज्यों के कानून अदालत से मिलने वाले ब्याज को मूल तक सीमित करते हैं: देखिए दामदुपट का नियम।
हर भुगतान लिखकर रखें
तारीख, रकम, और कितना ब्याज में व कितना मूल में गया, यह लिखिए और पैसा लौटाने वाले से दस्तख़त करवाइए। रसीद का नमूना पार्ट पेमेंट वाले लेख में है। इस कैलकुलेटर का हिसाब प्रिंट करके रसीद के साथ रख लीजिए, ताकि पूरा हिसाब काग़ज़ पर भी रहे।
6 छोटे जवाबउधार का हिसाब और पार्ट पेमेंट: सवाल-जवाब
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क्या कई भुगतान और बाद में दिया उधार भी जोड़ सकते हैं?
हाँ। हर दी गई रकम और हर भुगतान की एक लाइन, तारीख के साथ, 40 लाइन तक। हर उधार पर उसकी अपनी तारीख से ब्याज लगता है, और हर भुगतान मूल घटाने से पहले बकाया ब्याज चुकाता है। ऊपर के उदाहरण में अलग-अलग समय दिए ₹50,000 और ₹25,000 पर 1 जुलाई तक ₹7,500 ब्याज बना।
लौटाई रकम बकाया ब्याज से कम हो तो क्या होता है?
पूरी रकम ब्याज में जाती है, मूल वही रहता है और बचा ब्याज बकाया रहता है। पहले उदाहरण में 15 फ़रवरी को ₹2,933.33 ब्याज के सामने ₹1,500 लौटे, तो ₹1,433.33 बकाया रहे। अगला भुगतान पहले इसे चुकाता है।
क्या इस कैलकुलेटर में बकाया ब्याज पर ब्याज लगता है?
तभी, जब आप चक्रवृद्धि चुनें। साधारण ब्याज में, जो शुरू से चुना रहता है, बकाया ब्याज आगे चलता है पर ब्याज सिर्फ़ मूल पर लगता है। और विकल्प में हर महीने, तिमाही, छमाही या साल बकाया ब्याज मूल में जोड़ सकते हैं, और हिसाब में हर बार यह दिखता है।
हिसाब WhatsApp पर कैसे भेजें या प्रिंट करें?
WhatsApp पर भेजें दबाएँ तो छोटा हिसाब और लिंक जाता है, या लिंक कॉपी करें। लिंक में हर एंट्री होती है, इसलिए किसी भी फ़ोन पर वही हिसाब खुलता है। प्रिंट / PDF सिर्फ़ हिसाब छापता है। हमारे पास कुछ सेव नहीं होता: एंट्री सिर्फ़ लिंक और आपके ब्राउज़र में रहती हैं।
क्या उधार लेने वाला भी यह कैलकुलेटर इस्तेमाल कर सकता है?
हाँ। मिली रकम को "उधार दिए" और हर लौटाई रकम को "वापस मिले" में लिखिए; हिसाब दोनों तरफ़ से एक ही है। दोनों के आँकड़े अलग आएँ तो दर, तारीखें और ब्याज साधारण है या चक्रवृद्धि, यह मिलाइए। लिंक भेजने से दोनों एक ही हिसाब देखते हैं।
क्या दुकान की उधारी या गिरवी के उधार में यह चलेगा?
हाँ, किसी भी उधार में जिसकी दर तय हो और भुगतान तारीख के साथ हों: दुकान की उधारी, दोस्त को दिया उधार, या साहूकार से गिरवी पर लिया पैसा, ₹ सैकड़ा या % सालाना पर। बैंक या फ़ाइनेंस कंपनी दिन अपने तरीके से गिन सकती है या चार्ज जोड़ सकती है, इसलिए वह उसके स्टेटमेंट में देखिए। EMI लोन के लिए EMI कैलकुलेटर देखिए।
हर आँकड़ा एक ही जाँचे-परखे इंजन से आता है, पैसे-पैसे तक सही। हम हिसाब कैसे करते हैं