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साधारण और चक्रवृद्धि ब्याज में अंतर: सूत्र, तालिका, उदाहरण

चक्रवृद्धि ब्याज8 मिनट

साधारण ब्याज सिर्फ़ मूलधन पर लगता है। चक्रवृद्धि ब्याज में बकाया ब्याज तय तारीख पर मूलधन में जुड़ जाता है और फिर उस पर भी ब्याज लगता है। यही ब्याज पर ब्याज है। ₹1,00,000 पर ₹2 सैकड़ा से 5 साल में साधारण ब्याज ₹1,20,000 बनता है, पर हर महीने जोड़ने पर ₹2,28,103।

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साधारण ब्याज क्या है?

साधारण ब्याज सिर्फ़ मूलधन पर गिना जाता है। जो ब्याज बकाया रहता है, वह अलग से ब्याज के खाते में पड़ा रहता है। वह कितने भी दिन बकाया रहे, उस पर ब्याज नहीं लगता।

साधारण ब्याज = मूलधन × दर × समय ÷ 100

दर सालाना % में और समय सालों में।

₹2 सैकड़ा का मतलब है हर ₹100 पर महीने का ₹2, यानी महीने का 2% या साल का 24% (सैकड़ा का मतलब)। तो ₹1,00,000 पर एक साल का ब्याज ₹1,00,000 × 24 × 1 ÷ 100 = ₹24,000 होगा। साधारण ब्याज में हर साल इतना ही जुड़ता है, इसलिए 5 साल में ब्याज ₹1,20,000 होता है।

चक्रवृद्धि ब्याज (ब्याज पर ब्याज) क्या है?

चक्रवृद्धि ब्याज यानी ब्याज पर भी ब्याज। खाते में यह ऐसे चलता है: तय तारीख पर जितना ब्याज बकाया है, वह मूलधन में जोड़ दिया जाता है, और आगे से ब्याज इस बढ़ी हुई रकम पर लगता है। ब्याज जोड़ने की यह तारीख हर महीने, हर तिमाही, हर छह महीने या साल में एक बार हो सकती है।

मान लीजिए ₹2 सैकड़ा पर ₹1,00,000 दिए और ब्याज साल में एक बार जुड़ता है। पहले साल ब्याज ₹24,000 बनता है, ठीक साधारण ब्याज जितना। अब यह मूलधन में जुड़ता है और मूलधन ₹1,24,000 हो जाता है। दूसरे साल ब्याज ₹24,000 नहीं, ₹29,760 बनता है। यह ₹5,760 का फ़र्क पिछले साल के ₹24,000 ब्याज पर लगा 24% है। यही ब्याज पर ब्याज है।

मिश्रधन A = P × (1 + R ÷ k)^(k × T)

A = आख़िर में कुल रकम (मिश्रधन), P = मूलधन, R = सालाना दर दशमलव में (24% = 0.24), k = साल में कितनी बार ब्याज जुड़ता है (हर महीने 12, तिमाही 4, छमाही 2, सालाना 1), T = साल। चक्रवृद्धि ब्याज = A − P। इस सूत्र के हर तरह के सवाल हल करके: चक्रवृद्धि ब्याज का सूत्र।

हर महीने ब्याज जुड़े तो एक साल में: A = ₹1,00,000 × (1 + 0.24 ÷ 12)^12 = ₹1,00,000 × 1.02^12 = ₹1,26,824.18। यानी ब्याज ₹26,824.18, जबकि साधारण ब्याज ₹24,000 ही होता।

साधारण ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज में अंतर

आमने-सामने, उदाहरण: ₹1,00,000 पर ₹2 सैकड़ा (24% सालाना)
आधारसाधारण ब्याजचक्रवृद्धि ब्याज
मतलबसिर्फ़ मूलधन पर ब्याजमूलधन पर और उसमें जुड़ चुके ब्याज पर भी ब्याज
ब्याज किस परहर बार उसी मूलधन परहर बार जुड़ने के बाद बढ़े मूलधन पर
सूत्रP × R × T ÷ 100P × (1 + R ÷ 100)^T − P (सालाना जोड़)
हर साल का ब्याजहर साल बराबर: ₹24,000हर साल बढ़ता है: ₹24,000, ₹29,760, ₹36,902.40 (सालाना जोड़)
समय के साथ बढ़तसीधी रेखा मेंऊपर की ओर मुड़ती रेखा में
5 साल बाद कुल₹2,20,000सालाना जोड़ पर ₹2,93,163, मासिक पर ₹3,28,103
असल सालाना दरबताई गई दर ही: 24%साल में एक से ज़्यादा बार जुड़े तो ज़्यादा: मासिक पर 26.82%
फ़ायदा किसेउधार लेने वाले कोउधार देने वाले या बचत करने वाले को
दोनों बराबर कबहर साल एक जैसापहली बार ब्याज जुड़ने तक, या जब हर बार ब्याज चुका दिया जाए
भारत में आम तौर परज़्यादातर निजी सैकड़ा उधारबचत खाता, मैच्योरिटी पर पैसा देने वाली FD, बकाया लोन ब्याज

₹1,00,000 पर ₹2 सैकड़ा: साल-दर-साल साधारण और चक्रवृद्धि ब्याज

वही उधार, बीच में कुछ नहीं लौटाया। हमारे कैलकुलेटर से 10 साल तक हर साल का हिसाब नीचे है। कॉलम ऊपर से नीचे पढ़ें तो दोनों की चाल दिखती है: साधारण ब्याज हर साल वही ₹24,000 जोड़ता है, जबकि चक्रवृद्धि हर साल पहले से ज़्यादा।

₹1,00,000 पर ₹2 सैकड़ा: हर साल कुल कितना बकायासाधारण ब्याजचक्रवृद्धि (सालाना जोड़)
12345678910
₹1,00,000 पर ₹2 सैकड़ा (साल का 24%), कुल देनदारी, पूरे रुपये में
समयसाधारण ब्याजसालाना चक्रवृद्धिमासिक चक्रवृद्धिमासिक में ज़्यादा
1 साल₹1,24,000₹1,24,000₹1,26,824₹2,824
2 साल₹1,48,000₹1,53,760₹1,60,844₹12,844
3 साल₹1,72,000₹1,90,662₹2,03,989₹31,989
4 साल₹1,96,000₹2,36,421₹2,58,707₹62,707
5 साल₹2,20,000₹2,93,163₹3,28,103₹1,08,103
6 साल₹2,44,000₹3,63,522₹4,16,114₹1,72,114
7 साल₹2,68,000₹4,50,767₹5,27,733₹2,59,733
8 साल₹2,92,000₹5,58,951₹6,69,293₹3,77,293
9 साल₹3,16,000₹6,93,099₹8,48,826₹5,32,826
10 साल₹3,40,000₹8,59,443₹10,76,516₹7,36,516

पहले साल सालाना चक्रवृद्धि से कोई फ़र्क नहीं पड़ता, क्योंकि अभी तक ब्याज जुड़ा ही नहीं। उसके बाद फ़र्क तेज़ी से बढ़ता है। 5 साल में मासिक चक्रवृद्धि साधारण ब्याज से ₹1,08,103 ज़्यादा पड़ती है, यानी साधारण ब्याज के ऊपर 90% और। 10 साल में मासिक चक्रवृद्धि का कुल साधारण ब्याज वाले कुल का 3.2 गुना हो जाता है।

कैलकुलेटर में आज़माएँख़ुद देखें: ₹1,00,000, ₹2 सैकड़ा, हर महीने ब्याज जुड़े, 5 साल

2 और 3 साल के चक्रवृद्धि और साधारण ब्याज का अंतर (सूत्र)

ब्याज साल में एक बार जुड़े तो पहले साल दोनों ब्याज बराबर होते हैं। दूसरे साल चक्रवृद्धि ब्याज पहले साल के ब्याज पर भी ब्याज लेता है, और पूरा अंतर बस यही है। इसलिए दो शॉर्टकट सूत्र हैं:

2 साल का अंतर: CI − SI = P × (R ÷ 100)²

3 साल का अंतर: CI − SI = P × (R ÷ 100)² × (3 + R ÷ 100)

परीक्षा में सवाल अक्सर उल्टा आता है: "6% पर 2 साल के चक्रवृद्धि और साधारण ब्याज का अंतर ₹63 है, मूलधन बताइए।" अंतर को (R ÷ 100)² से भाग दें: 63 ÷ 0.0036 = ₹17,500।

ये शॉर्टकट सालाना जोड़ के लिए हैं। ब्याज छमाही जुड़े तो आधी दर लें और छमाहियाँ गिनें: 10% पर 1 साल, छमाही जोड़: CI − SI = ₹10,000 × (5 ÷ 100)² = ₹25। तिमाही या मासिक जोड़ में पूरा चक्रवृद्धि मिश्रधन निकालकर घटाएँ।

कैलकुलेटर में आज़माएँजाँचें: ₹10,000, 10%, सालाना जोड़, 3 साल

ब्याज कितनी बार जुड़ता है, क्या इससे फ़र्क पड़ता है?

हाँ, बहुत। बकाया ब्याज जितनी जल्दी-जल्दी मूलधन में जुड़ेगा, रकम उतनी तेज़ी से बढ़ेगी। ₹2 सैकड़ा की एक ही दर पर हर महीने जोड़ना तिमाही से ज़्यादा पड़ता है, तिमाही छमाही से, और छमाही सालाना से।

₹1,00,000 पर ₹2 सैकड़ा, बीच में कुछ नहीं लौटाया
ब्याज कब जुड़ता है1 साल का ब्याजअसल सालाना दर5 साल बाद कुल
साधारण (कभी नहीं जुड़ता)₹24,00024%₹2,20,000
साल में एक बार₹24,00024%₹2,93,163
हर छह महीने₹25,44025.44%₹3,10,585
हर तिमाही₹26,247.7026.25%₹3,20,714
हर महीने₹26,824.1826.82%₹3,28,103

यानी "₹2 सैकड़ा, हर महीने जुड़ेगा" का असल ख़र्च पहले साल 24% नहीं, 26.82% है। 5 साल में हर महीने जोड़ना सालाना जोड़ने से ₹34,940 ज़्यादा पड़ता है। उधार की बात करते समय सिर्फ़ दर नहीं, यह भी पूछिए कि ब्याज कितनी बार जुड़ेगा। सैकड़ा को सालाना दर में बदलने के लिए दर कन्वर्टर देखें।

72 का नियम: पैसा कितनी जल्दी डबल होता है

72 को सालाना दर से भाग दें तो मोटा अंदाज़ा मिलता है कि चक्रवृद्धि ब्याज में पैसा कितने साल में डबल होगा: ₹2 सैकड़ा (24%) पर 72 ÷ 24 = 3 साल, और सालाना जोड़ पर असल में 3 साल 2 महीने 14 दिन लगते हैं। साधारण ब्याज में 100 ÷ 24, यानी 4 साल 2 महीने। किसी भी दर का ठीक समय पैसा डबल कैलकुलेटर बताता है।

भारत में साधारण और चक्रवृद्धि ब्याज कहाँ-कहाँ लगता है?

आम तौर पर ब्याज कैसे लगता है
कहाँसाधारण या चक्रवृद्धिकितनी बार, और ध्यान रखें
बचत खाताचक्रवृद्धिRBI के नियम से ब्याज कम से कम हर तिमाही खाते में आता है
मैच्योरिटी पर पैसा देने वाली FDचक्रवृद्धिआम तौर पर हर तिमाही जुड़ता है: 7% असल में 7.19% सालाना
हर महीने/तिमाही ब्याज देने वाली FDसाधारण जैसीब्याज जमा से बाहर चला जाता है, उस पर आगे कुछ नहीं बनता
EMI वाले बैंक लोन (होम, कार, पर्सनल)मासिक हिसाबब्याज मासिक आधार पर (RBI); समय पर EMI भरें तो जोड़ने को कुछ नहीं बचता
ओवरड्राफ़्ट या छूटी EMIचक्रवृद्धिबकाया ब्याज बकाये में जुड़ सकता है; पेनल चार्ज पर ब्याज नहीं लग सकता
क्रेडिट कार्डआम तौर पर चक्रवृद्धिबकाया ब्याज अगले महीने के बकाये में जुड़ता है; हर कार्ड की शर्तें अलग
निजी सैकड़ा उधारज़्यादातर साधारणचक्रवृद्धि तभी, जब आपस में तय हो, जैसे साल में एक बार जोड़
सूक्ष्म या लघु उद्यम को देर से भुगतानचक्रवृद्धिMSMED कानून के तहत मासिक जोड़

कुछ राज्यों के साहूकारी कानून चक्रवृद्धि ब्याज पर रोक लगाते हैं। जैसे महाराष्ट्र का 2014 का साहूकारी कानून साहूकार को चक्रवृद्धि ब्याज लेने की इजाज़त नहीं देता।

ब्याज पर ब्याज से कैसे बचें?

  • हर बार ब्याज चुका दें। अगर ब्याज जुड़ने की तारीख से पहले चुका दिया जाए, तो मूलधन में जोड़ने को कुछ बचता ही नहीं, और चक्रवृद्धि ब्याज भी साधारण ब्याज जितना ही पड़ता है।
  • शर्तें लिखकर तय करें। दर (जैसे ₹2 सैकड़ा), ब्याज साधारण है या चक्रवृद्धि, और कितनी बार जुड़ेगा, यह सब लिख लें।
  • हिसाब ख़ुद जाँचें। रकम, दर और तारीखें हमारे चक्रवृद्धि ब्याज कैलकुलेटर या ब्याज कैलकुलेटर में डालें और चुनें कि ब्याज कब जुड़ता है। दोनों हर कदम का हिसाब दिखाते हैं।
कैलकुलेटर में आज़माएँसालाना चक्रवृद्धि जाँचें: ₹1,00,000, ₹2 सैकड़ा, 3 साल
7 छोटे जवाब

साधारण बनाम चक्रवृद्धि ब्याज: आम सवाल

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साधारण ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज में क्या अंतर है?

साधारण ब्याज सिर्फ़ मूलधन पर लगता है; चक्रवृद्धि ब्याज उस ब्याज पर भी लगता है जो मूलधन में जुड़ चुका है। साधारण ब्याज = P × R × T ÷ 100; सालाना जुड़ने वाला चक्रवृद्धि ब्याज = P × (1 + R ÷ 100)^T − P। ₹1,00,000 पर ₹2 सैकड़ा से 3 साल में साधारण ब्याज ₹72,000 बनता है, सालाना जोड़ने पर ₹90,662.40 और हर महीने जोड़ने पर ₹1,03,988.71।

2 और 3 साल के चक्रवृद्धि और साधारण ब्याज के अंतर का सूत्र क्या है?

ब्याज सालाना जुड़े तो 2 साल का अंतर P × (R ÷ 100)² और 3 साल का P × (R ÷ 100)² × (3 + R ÷ 100) होता है। ₹1,00,000 पर 24% (₹2 सैकड़ा) से 2 साल का अंतर ₹5,760 है, जो असल में पहले साल के ₹24,000 ब्याज पर लगा 24% ब्याज ही है। 3 साल में यह अंतर ₹18,662.40 हो जाता है।

साधारण या चक्रवृद्धि ब्याज, किसमें फ़ायदा है?

यह आपकी तरफ़ पर टिका है: उधार लेने वाले के लिए साधारण ब्याज सस्ता है, जबकि देने वाले या बचत करने वाले को चक्रवृद्धि में ज़्यादा मिलता है। एक ही दर पर पहली बार ब्याज जुड़ने तक दोनों बराबर रहते हैं, फिर चक्रवृद्धि आगे निकल जाता है। ₹1,00,000 पर ₹2 सैकड़ा से 5 साल कुछ न चुकाएँ, तो ब्याज साधारण में ₹1,20,000, सालाना जोड़ पर ₹1,93,163 और मासिक जोड़ पर ₹2,28,103 बनता है।

बैंक लोन पर साधारण ब्याज लगता है या चक्रवृद्धि?

बैंक लोन का ब्याज हर महीने बकाया रकम पर गिना जाता है: RBI के निर्देशों में बैंक लोन पर ब्याज मासिक आधार पर लगता है, कुछ खेती के लोन छोड़कर। EMI वाले लोन में हर किस्त पहले उस महीने का ब्याज चुकाती है, इसलिए समय पर EMI भरें तो ब्याज पर ब्याज नहीं लगता। बिना चुकाया ब्याज, जैसे ओवरड्राफ़्ट में या EMI छूटने पर, बकाये में जुड़कर ब्याज खा सकता है। पर देर से भुगतान के पेनल चार्ज पर ब्याज नहीं लग सकता।

बैंक में जमा पैसे पर साधारण ब्याज मिलता है या चक्रवृद्धि?

ज़्यादातर चक्रवृद्धि। RBI के नियम से बचत खाते का ब्याज कम से कम हर तिमाही खाते में आता है, और फिर उस पर भी ब्याज मिलता है। मैच्योरिटी पर पैसा देने वाली FD में ब्याज आम तौर पर हर तिमाही जुड़ता है। जो FD हर महीने या तिमाही ब्याज आपको भेज देती है, वह साधारण ब्याज जैसी है, क्योंकि ब्याज जमा में रुकता ही नहीं। चक्रवृद्धि रिटर्न का विज्ञापन करे तो बैंक को साधारण सालाना दर भी बतानी होती है।

क्या भारत में चक्रवृद्धि ब्याज लेना कानूनी है?

हो सकता है, पर सीमाओं के साथ। RBI बैंकों और NBFC को सामान्य तरीके से ब्याज पर ब्याज लगाने देता है। साहूकारी के कानून हर राज्य के अपने हैं: जैसे महाराष्ट्र का 2014 का कानून साहूकार को चक्रवृद्धि ब्याज लेने से रोकता है। और सूदखोरी ऋण अधिनियम, 1918 (Usurious Loans Act) के तहत अदालत ब्याज ज़्यादा है या नहीं, यह परखते समय यह भी देखती है कि ब्याज चक्रवृद्धि था और कितनी बार जुड़ता था।

महीने और दिन के हिसाब से चक्रवृद्धि ब्याज कैसे निकालें?

हर पूरी अवधि पर ब्याज मूलधन में जुड़ता है, और बचे महीने-दिन पर नए मूलधन पर साधारण ब्याज लगता है, जैसे बैंक FD की अधूरी तिमाही में करते हैं। ₹1,00,000 पर ₹2 सैकड़ा, सालाना जोड़ के साथ, 2 साल में ₹1,53,760 बनते हैं; अगले 4 महीने 15 दिन ₹13,838.40 और जोड़ते हैं, तो 2 साल 4 महीने 15 दिन बाद कुल ₹1,67,598.40। चक्रवृद्धि ब्याज कैलकुलेटर किन्हीं भी दो तारीखों के बीच यही करता है।

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