2 रुपये सैकड़ा (2 rupaye sekda) का मतलब है हर ₹100 पर हर महीने ₹2 ब्याज। यानी महीने का 2%, और साधारण ब्याज में साल का 24%: ₹10,000 पर हर महीने ₹200 और ₹1,00,000 पर ₹2,000।
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रुपये सैकड़ा का मतलब क्या है?
सैकड़ा यानी सौ। जब कोई कहता है 2 रुपये सैकड़ा, तो मतलब है: हर ₹100 पर हर महीने ₹2 ब्याज। इसे "दो रुपये सैकड़ा", "2 रुपए सैकड़ा", "₹2 सैकड़ा" या सीधे "दो रुपये का ब्याज" भी कहते हैं।
रिश्तेदारों-दोस्तों का उधार हो, दुकानदार और व्यापारी का लेन-देन हो या साहूकार का कर्ज़, ब्याज आम तौर पर इसी तरह बोला जाता है। बैंक साल का प्रतिशत बताते हैं, इसीलिए दोनों में अक्सर गड़बड़ हो जाती है।
इस बोली में दो बातें बिना कहे शामिल रहती हैं। रेट हर महीने का है, और ब्याज मूल रकम पर लगता है (साधारण ब्याज), जमा हुए ब्याज पर नहीं। आपका सौदा इनमें से किसी बात पर अलग है, तो साफ़ बोलिए और लिखकर रखिए।
दूसरे शब्दों में, ₹2 सैकड़ा का मतलब है हर एक रुपये पर हर महीने 2 पैसे।
2 टका ब्याज: वही 2 रुपये सैकड़ा
"टका" रुपये का पुराना नाम है, इसलिए 2 टका ब्याज (या 2 टका सूद) भी ऐसे ही समझा जाता है: हर ₹100 पर हर महीने ₹2, साल का 24%। यह शब्द ढीले ढंग से भी बोला जाता है, इसलिए तय करने से पहले "हर ₹100 पर, हर महीने" पक्का कर लीजिए।
सैकड़ा को प्रतिशत में कैसे बदलें
सैकड़ा का मतलब ही "सौ पर" है, इसलिए जितने रुपये सैकड़ा, उतना ही महीने का प्रतिशत। साल का रेट चाहिए तो 12 से गुणा कर दीजिए।
साल का रेट (%) = सैकड़ा × 12
साधारण ब्याज। महीने का प्रतिशत वही है जो सैकड़ा का अंक।
- 1 रुपया सैकड़ा = महीने का 1% = साल का 12%। ₹1,00,000 पर महीने के ₹1,000, साल के ₹12,000।
- डेढ़ रुपया सैकड़ा (1.5) = महीने का 1.5% = साल का 18%।
- 2 रुपये सैकड़ा = महीने का 2% = साल का 24%। ₹1,00,000 पर महीने के ₹2,000, साल के ₹24,000, और रोज़ ₹66.67 (एक दिन महीने का 1/30; देखिए दिन का ब्याज कैलकुलेटर)।
- 3 रुपये सैकड़ा = महीने का 3% = साल का 36%।
किसी भी रकम का महीने का ब्याज निकालना हो तो रकम को 100 से भाग दीजिए और सैकड़ा से गुणा कीजिए। ₹25,000 पर ₹2 सैकड़ा: 25,000 ÷ 100 = 250, और 250 × 2 = हर महीने ₹500।
सैकड़ा टेबल: ₹0.5 से ₹10 सैकड़ा प्रतिशत में
₹1,00,000 पर साधारण ब्याज। सवा = 1¼, डेढ़ = 1½, पौने दो = 1¾ और ढाई = 2½, टेबल में नाम के साथ। दूसरी रकम के लिए हिसाब से घटा-बढ़ा लीजिए: ₹50,000 पर आधा, ₹2,00,000 पर दोगुना।
| सैकड़ा | महीने का % | साल का % | ₹1 लाख, 1 महीना | ₹1 लाख, 1 साल |
|---|---|---|---|---|
| ₹0.5 | 0.5% | 6% | ₹500 | ₹6,000 |
| ₹0.75 | 0.75% | 9% | ₹750 | ₹9,000 |
| ₹1 | 1% | 12% | ₹1,000 | ₹12,000 |
| ₹1.25 (सवा) | 1.25% | 15% | ₹1,250 | ₹15,000 |
| ₹1.5 (डेढ़) | 1.5% | 18% | ₹1,500 | ₹18,000 |
| ₹1.75 (पौने दो) | 1.75% | 21% | ₹1,750 | ₹21,000 |
| ₹2 | 2% | 24% | ₹2,000 | ₹24,000 |
| ₹2.5 (ढाई) | 2.5% | 30% | ₹2,500 | ₹30,000 |
| ₹3 | 3% | 36% | ₹3,000 | ₹36,000 |
| ₹4 | 4% | 48% | ₹4,000 | ₹48,000 |
| ₹5 | 5% | 60% | ₹5,000 | ₹60,000 |
| ₹6 | 6% | 72% | ₹6,000 | ₹72,000 |
| ₹8 | 8% | 96% | ₹8,000 | ₹96,000 |
| ₹10 | 10% | 120% | ₹10,000 | ₹1,20,000 |
साल के प्रतिशत से सैकड़ा
उल्टा हिसाब करना हो तो साल के रेट को 12 से भाग दीजिए। कुछ रेट पूरे नहीं बँटते; बोलचाल में गोल कर लीजिए, पर पैसे का हिसाब पूरे रेट से ही कीजिए।
- साल का 9% = ₹0.75 सैकड़ा
- साल का 10% = लगभग ₹0.83 सैकड़ा
- साल का 12% = ₹1 सैकड़ा
- साल का 15% = ₹1.25 सैकड़ा
- साल का 18% = ₹1.5 सैकड़ा
- साल का 24% = ₹2 सैकड़ा
- साल का 36% = ₹3 सैकड़ा
सैकड़ा महीने का होता है या साल का?
महीने का। जब तक कोई साफ़ तौर पर कुछ और न कहे, सैकड़ा का रेट महीने का ही माना जाता है। झगड़ा तब होता है जब बिना महीना-साल बताए "2 परसेंट" कह दिया जाए: साहूकार के लिए इसका मतलब महीने का 2% यानी साल का 24%, और बैंक वाले हिसाब का आदमी इसे साल का 2% समझ सकता है। फ़र्क़ बारह गुना का है।
इसलिए पूरा बोलिए: "₹2 सैकड़ा महीना" या "साल का 24%"। कागज़ पर दोनों लिख दीजिए, जैसे "₹2 सैकड़ा (साल का 24%)", तो बाद में बहस की गुंजाइश नहीं रहती।
जब ब्याज मूल में जोड़ा जाए
×12 वाला हिसाब साधारण ब्याज का है, जिसमें ब्याज चुका दिया जाता है या अलग रखा जाता है, उस पर ब्याज नहीं लगता। अगर बकाया ब्याज हर महीने मूल में जोड़ दिया जाए (चक्रवृद्धि ब्याज, यानी ब्याज पर ब्याज), तो साल का खर्च ज़्यादा बैठता है।
₹1,00,000 पर ₹2 सैकड़ा, अगर हर महीने ब्याज मूल में जुड़ता जाए, तो एक साल में ₹1,26,824.18 हो जाता है: ₹26,824.18 ब्याज, यानी 26.82%, ₹24,000 की जगह। पूरी बात साधारण और चक्रवृद्धि ब्याज वाले लेख में है।
सैकड़ा और बैंक लोन के रेट की तुलना
बैंक साल का रेट घटते बैलेंस (reducing balance) पर बताते हैं। हर महीने ब्याज सिर्फ़ उतने पर लगता है जितना अभी बाकी है, और EMI से वह ब्याज और थोड़ा मूल चुकता होता है। बैंक का 12% सालाना रेट मतलब बाकी रकम पर महीने का 1%, यानी ठीक ₹1 सैकड़ा।
₹1,00,000 के बैंक लोन पर, 12% रेट और 12 महीने के लिए, पहले महीने का ब्याज ₹1,000 है, उतना ही जितना ₹1,00,000 पर ₹1 सैकड़ा। उसके बाद बैलेंस घटता है तो रुपये घटते हैं, पर हर रुपये पर हर महीने का खर्च वही रहता है।
इसलिए सही तुलना यह है: जिस सैकड़ा वाले उधार का ब्याज आप हर महीने चुकाते हैं, उसका हर रुपये पर महीने का खर्च उतना ही है जितना सैकड़ा × 12 वाले reducing रेट के बैंक लोन का। ₹2 सैकड़ा मतलब बैंक का 24% सालाना, यानी 12% वाले बैंक लोन से 2 गुना।
सैकड़ा का रेट तय करने से पहले
- पूछ लीजिए कि रेट महीने का है और सिर्फ़ मूल रकम पर लगेगा।
- पूछ लीजिए कि बकाया ब्याज मूल में जोड़ा जाएगा या नहीं, और कितने समय में।
- कागज़ पर रेट दोनों तरह लिखिए, जैसे "₹2 सैकड़ा महीना (साल का 24%)"।
- जिस दिन पैसा दिया, वह तारीख़ लिखिए। ब्याज उसी दिन से चलता है: देखिए महीने और दिन का ब्याज कैसे निकाले।
6 छोटे जवाबरुपये सैकड़ा: आम सवाल और जवाब
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सैकड़ा किसे कहते हैं?
सैकड़ा (सैंकड़ा भी लिखते हैं) का मतलब है सौ, वही जो इकाई, दहाई, सैकड़ा में है। उधार की बोली में "₹2 सैकड़ा" का मतलब है हर सौ रुपये पर ₹2, और रिवाज़ से हर महीने। यानी रुपये सैकड़ा = हर ₹100 पर हर महीने कितने रुपये ब्याज। अंग्रेज़ी में इसे "rupees per ₹100 per month" कहेंगे।
सैकड़ा और प्रतिशत में क्या अंतर है?
दोनों का मतलब "सौ पर" है, इसलिए ₹2 सैकड़ा यानी हर 100 पर 2। फ़र्क़ समय का है। सैकड़ा का रेट, जब तक कुछ और न कहा जाए, महीने का होता है, जबकि प्रतिशत, ख़ासकर बैंक का, आम तौर पर साल का। इसीलिए ₹2 सैकड़ा साल का 24% है, 2% नहीं। कागज़ पर रेट दोनों तरह लिखिए।
₹10,000, ₹50,000 या ₹2 लाख पर 2 रुपये सैकड़ा का ब्याज कितना होगा?
2 रुपये सैकड़ा यानी हर ₹100 पर हर महीने ₹2। तो ₹10,000 पर महीने का ₹200, ₹50,000 पर ₹1,000 और ₹2,00,000 पर ₹4,000। साधारण ब्याज में साल भर का ₹2,400, ₹12,000 और ₹48,000। किसी और रकम के लिए ब्याज चार्ट देखिए।
3, 5 या 10 रुपये सैकड़ा कितना होता है?
₹3 सैकड़ा = महीने का 3%, यानी साल का 36%; ₹5 सैकड़ा = साल का 60% और ₹10 सैकड़ा = साल का 120%, सब साधारण ब्याज में। ₹1,00,000 पर यह महीने का ₹3,000, ₹5,000 और ₹10,000 है। इतने ऊँचे रेट पर ब्याज जल्दी ही मूल के बराबर हो जाता है: ₹5 सैकड़ा पर 20 महीने में, ₹10 पर 10 महीने में। देखिए दामदुपट नियम।
सवा, डेढ़ और ढाई रुपये सैकड़ा का क्या मतलब है?
सवा = 1¼, डेढ़ = 1½, पौने दो = 1¾ और ढाई = 2½। यानी सवा रुपया सैकड़ा = हर ₹100 पर महीने का ₹1.25 (साल का 15%), डेढ़ = ₹1.50 (18%), पौने दो = ₹1.75 (21%) और ढाई = ₹2.50 (30%)। ₹1,00,000 पर महीने का ब्याज ₹1,250, ₹1,500, ₹1,750 और ₹2,500।
2 टका ब्याज कितना होता है?
"टका" रुपये का पुराना नाम है, इसलिए 2 टका ब्याज या 2 टका सूद को 2 रुपये सैकड़ा ही समझा जाता है: हर ₹100 पर हर महीने ₹2, यानी महीने का 2% और साधारण ब्याज में साल का 24%। यह शब्द ढीले ढंग से भी बोला जाता है, इसलिए तय करने से पहले पक्का कर लीजिए कि रेट हर ₹100 पर और हर महीने का है।