ठीक-ठीक दोनों में से कोई नहीं: EMI में हर महीने ब्याज सिर्फ़ बकाया रकम पर लगता है, और हर किस्त उस महीने का पूरा ब्याज चुका देती है, इसलिए ब्याज पर ब्याज नहीं लगता। ₹1,00,000 पर 12% से 12 महीने में ब्याज ₹6,618 बनता है: पूरे लोन पर 6.62% सालाना साधारण ब्याज (₹0.55 सैकड़ा), पर हाथ में रहे पैसे पर अब भी 12%।
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EMI में साधारण ब्याज लगता है या चक्रवृद्धि?
साधारण ब्याज में ब्याज सिर्फ़ उधार ली गई रकम पर लगता है। चक्रवृद्धि ब्याज में बकाया ब्याज मूलधन में जुड़ जाता है और उस पर भी ब्याज लगता है। EMI लोन ठीक-ठीक इनमें से कोई नहीं है: हर महीने बैंक बची हुई रकम पर ब्याज लेता है, और उसी महीने की किस्त वह पूरा चुका देती है, इसलिए जुड़ने के लिए कुछ बचता ही नहीं।
यानी यह घटते बकाया पर साधारण ब्याज जैसा है, जो हर महीने चुकता होता है। ₹1,00,000 पर 12% में पहले महीने का ब्याज ₹1,000 है, पूरे लोन पर; दूसरे महीने का ₹921.15, बाकी ₹92,115 पर। ब्याज पर ब्याज तभी लगेगा जब किसी किस्त से महीने का पूरा ब्याज न चुके और बचा हिस्सा लोन में जोड़ दिया जाए।
होम लोन में साधारण ब्याज लगता है या चक्रवृद्धि?
होम लोन भी ऐसे ही चलता है: तय दर से बकाया रकम पर ब्याज, जो हर किस्त से चुकता होता है। कुछ लेंडर यह ब्याज महीने के हिसाब से निकालते हैं, कुछ रोज़ के हिसाब से, इसलिए तरीका अपने लोन एग्रीमेंट में देखिए।
ब्याज पर ब्याज की नौबत तभी आ सकती है जब floating दर बढ़े और EMI वही रहे, किस्त से महीने का ब्याज भी पूरा न हो और कमी लोन में जुड़ने लगे। निजी काम के floating दर वाले EMI लोन पर RBI के नियम कहते हैं कि दर बढ़ने पर अवधि बढ़ाने से ऐसा "negative amortisation" नहीं होना चाहिए। आप इसकी जगह EMI बढ़ाना भी चुन सकते हैं।
मेरे EMI लोन पर साधारण ब्याज कितना पड़ रहा है?
बैंक साल की ब्याज दर बताता है और हर महीने एक तय किस्त (EMI) लेता है। लेकिन हम में से ज़्यादातर लोग साधारण ब्याज में सोचते हैं: ₹1 लाख पर 12% यानी साल का ₹12,000। EMI लोन को इस हिसाब में बदलने के लिए दो बातें चाहिए: कुल कितना ब्याज दिया, और वह पूरे लोन का साल में कितना प्रतिशत बनता है।
कुल ब्याज = EMI × महीने − लोन की रकम
Flat rate (साधारण ब्याज दर) = कुल ब्याज ÷ लोन ÷ साल × 100
यानी पूरे लोन पर, पूरी अवधि के लिए साधारण ब्याज।
तो साधारण ब्याज के हिसाब से यह लोन 6.62% सालाना बैठता है। "पूरे लोन पर कितना साधारण ब्याज दे रहा हूं?" इसका सही जवाब यही है। लेकिन दूसरे लोन से तुलना के लिए यह दर ठीक नहीं। क्यों, यह नीचे देखिए।
कैलकुलेटर में आज़माएँअपने लोन की रकम, महीने और ब्याज दर (या अपनी EMI) डालिए और तुरंत flat rate और सैकड़ा देखिए।बैंक का 12% साधारण ब्याज में 6.62% क्यों बन जाता है?
बैंक 12% सालाना, यानी 1% महीना, सिर्फ़ उस रकम पर लेता है जो आप पर अभी बाकी है। हर EMI से उस महीने का ब्याज चुकता होता है और मूलधन का एक हिस्सा भी लौटता है। इसलिए बकाया हर महीने घटता जाता है।
पहले महीने बकाया ₹1,00,000 है, तो ब्याज ₹1,000 बना और EMI में से ₹7,885 मूलधन में गया। दूसरे महीने बकाया ₹92,115 रह गया, तो ब्याज सिर्फ़ ₹921.15 बना। आख़िरी महीने तक बकाया केवल ₹8,795.50 बचता है। (EMI खुद कैसे निकलती है, यह EMI फार्मूला में देखिए।)
पूरे साल का औसत निकालें तो बैंक का लगभग ₹55,154 ही आपके पास रहा, यानी लोन के आधे से थोड़ा ज़्यादा। ₹6,618 का ब्याज इस असल रकम का 12% सालाना है (reducing rate), लेकिन पूरे ₹1,00,000 का सिर्फ़ 6.62% (flat rate)। रुपये वही हैं, बस भाग देने का तरीका अलग है।
₹1 लाख पर 12% से 1 से 5 साल का ब्याज
| अवधि | कुल ब्याज | Flat rate सालाना | Flat rate सैकड़ा में |
|---|---|---|---|
| 12 महीने | ₹6,618 | 6.62% | ₹0.55 |
| 24 महीने | ₹12,977 | 6.49% | ₹0.54 |
| 36 महीने | ₹19,575 | 6.52% | ₹0.54 |
| 60 महीने | ₹33,476 | 6.70% | ₹0.56 |
लोन कितना भी लंबा हो, flat rate लगभग वही रहती है: 6.49% से 6.70% के बीच। बढ़ता है कुल ब्याज: 60 महीने में ₹33,476, क्योंकि पैसा ज़्यादा समय आपके पास रहता है। लंबे लोन की EMI छोटी होती है, पर रुपयों में खर्च ज़्यादा होता है।
साहूकार के सैकड़ा से कौन सी दर मिलाएं?
बैंक की reducing rate को सैकड़ा × 12 से मिलाइए, जब सैकड़ा वाले लोन का ब्याज हर महीने दिया जाता हो।
₹1 सैकड़ा का लोन, जिसका ब्याज हर महीने दिया जाए, हर ₹100 पर महीने का ₹1 लेता है, यानी 12% सालाना। बैंक का 12% reducing भी ठीक इतना ही पड़ता है। पहले महीने बैंक ने ₹1,00,000 पर ₹1,000 लिए: हर ₹100 पर ₹1। दूसरे महीने ₹92,115 पर ₹921.15 लिए: फिर हर ₹100 पर ₹1। हर रुपये पर, हर महीने, दोनों लोन बराबर पड़ते हैं। (सैकड़ा का पूरा हिसाब रुपये सैकड़ा का मतलब में देखिए।)
- बैंक 12% reducing = ₹1 सैकड़ा। ₹1 सैकड़ा वाले लोन जितना ही।
- साहूकार ₹1.5 सैकड़ा = 18% सालाना। बैंक के 12% से महंगा।
- बैंक 10.5% reducing = लगभग ₹0.88 सैकड़ा। ₹1 सैकड़ा से सस्ता।
सबसे आम गलती: flat 6.62% (₹0.55 सैकड़ा) को ₹1 सैकड़ा के सामने रखकर मान लेना कि बैंक आधे दाम पर है। ऐसा नहीं है। Flat rate सस्ती सिर्फ़ इसलिए दिखती है कि पैसा थोड़ा-थोड़ा करके लौटता है। ₹1 सैकड़ा का लोन भी इसी तरह 12 बराबर किस्तों में चुकाएं, और हर महीने ब्याज सिर्फ़ बचे हुए बकाया पर लगे, तो ब्याज वही ₹6,618 बनेगा।
साधारण ब्याज वाली EMI: flat rate का तरीका
कुछ लेंडर, और बहुत से निजी उधार देने वाले, EMI पूरे लोन पर साधारण ब्याज से निकालते हैं: पूरी अवधि का ब्याज लोन में जोड़ा, फिर महीनों से भाग दे दिया। "simple interest EMI calculator" यही करता है, और यही flat rate का तरीका है।
साधारण ब्याज वाली EMI = (P + P × R × T) ÷ महीने
P लोन की रकम, R सालाना दर ÷ 100 और T अवधि सालों में।
यह बैंक के तरीके जैसा दिखता है, पर काफ़ी महंगा पड़ता है, क्योंकि लौटा चुके पैसे पर भी ब्याज देते रहते हैं। मान लीजिए कोई साहूकार या डीलर ₹1,00,000 "₹1 सैकड़ा" पर देता है, 12 बराबर किस्तों में वापस लेता है, और ब्याज पूरे 12 महीने पूरे लोन पर जोड़ता है।
आप हर महीने लोन का कुछ हिस्सा लौटा रहे हैं, फिर भी ब्याज पूरे लोन पर दे रहे हैं। इसलिए किस्तों पर "₹1 सैकड़ा flat" असल में लगभग ₹1.79 सैकड़ा पड़ता है। कोई भी flat rate, फ़ीस समेत, flat रेट कैलकुलेटर में जांचिए, या पूरी तालिका flat और reducing ब्याज दर में देखिए।
बड़ा लोन: ₹5,00,000, 10.5% पर, 5 साल
- EMI: ₹10,747, 60 महीने तक।
- कुल भुगतान: ₹6,44,816, जिसमें ब्याज ₹1,44,816।
- Flat rate: 5.79% सालाना (₹0.48 सैकड़ा)।
- बैंक की reducing rate: 10.5% सालाना (लगभग ₹0.88 सैकड़ा)। तुलना इसी से कीजिए।
पांच साल में औसतन ₹2,75,840 ही आपके पास रहता है, यानी फिर से लोन के आधे से थोड़ा ज़्यादा। इसलिए flat rate भी बैंक की दर के आधे से थोड़ी ज़्यादा निकलती है।
प्रोसेसिंग फ़ीस से असली दर बढ़ जाती है
शुरू में processing fee कट जाए तो हाथ में कम पैसा आता है, पर EMI पूरे लोन की ही भरनी पड़ती है। वही ₹5,00,000, 10.5% पर 60 महीने: ₹10,000 फ़ीस के बाद हाथ में ₹4,90,000 आते हैं और असली दर 10.5% नहीं, 11.38% सालाना बनती है। अपने लोन में फ़ीस, GST और बाकी चार्ज जोड़ने के लिए अपनी EMI से ब्याज दर निकालिए।
₹1,00,000 पर 12% साधारण ब्याज कितना बनेगा?
₹1,00,000 का लोन 12% साधारण ब्याज पर लें और पूरा पैसा 12 महीने बाद एक साथ लौटाएं, तो ब्याज ₹12,000 बनता है। उसी 12% पर EMI लोन का ब्याज ₹6,618 है, यानी ₹5,382 कम।
इसका मतलब यह नहीं कि EMI लोन सस्ता है। आख़िर में ब्याज देने वाले लोन में पूरे ₹1,00,000 पूरे 12 महीने आपके पास रहते हैं। EMI में पहले ही महीने से पैसा लौटना शुरू हो जाता है और औसतन लगभग ₹55,154 ही पास रहता है। दोनों में, जितना पैसा पास है उस पर, 12% सालाना यानी ₹1 सैकड़ा ही लगता है। ₹12,000 और ₹6,618 की तुलना दो अलग-अलग रकमों की तुलना है, दो दामों की नहीं।
लोन लेने से पहले छोटी सी चेकलिस्ट
- पूछिए कि दर reducing है या flat।
- तुलना से पहले हर flat rate को reducing rate में बदलिए: flat रेट कैलकुलेटर यह कर देता है।
- सैकड़ा वाले लोन से मिलाना हो तो reducing rate को 12 से भाग दीजिए।
- Processing fee और शुरू में कटने वाले बाकी चार्ज जोड़िए।
- रकम और महीने बराबर हों, तो जिसकी EMI कम है वही लोन सस्ता है (फ़ीस जोड़ने से पहले)।
5 छोटे जवाबEMI और साधारण ब्याज: आम सवाल
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EMI में साधारण ब्याज लगता है या चक्रवृद्धि?
ठीक-ठीक दोनों में से कोई नहीं: EMI में ब्याज घटते बकाया पर लगता है। हर महीने बैंक सिर्फ़ बाकी रकम पर ब्याज लेता है और उसी महीने की EMI से वह पूरा चुक जाता है, इसलिए ब्याज पर ब्याज कभी नहीं लगता। ₹1,00,000 पर 12% में पहले महीने का ब्याज ₹1,000 है; दूसरे महीने बाकी ₹92,115 पर सिर्फ़ ₹921.15।
EMI को साधारण ब्याज दर में कैसे बदलें?
कुल ब्याज (EMI × महीने − लोन) निकालिए, उसे लोन और साल से भाग दीजिए और 100 से गुणा कीजिए। ₹1,00,000 पर 12% से 12 महीने, ₹8,885 की EMI: ब्याज ₹6,620, यानी पूरे लोन पर 6.62% सालाना साधारण ब्याज, ₹0.55 सैकड़ा। हमारा EMI से ब्याज दर कैलकुलेटर आपकी EMI से यह सीधे निकाल देता है।
क्या 12% का EMI लोन 12% साधारण ब्याज जैसा ही है?
जितना पैसा पास है उसके हिसाब से हां: दोनों में हर ₹100 पर महीने का ₹1। कुल रुपयों में नहीं: ₹1,00,000 के 12 महीने में EMI पर ₹6,618 लगते हैं, आख़िर में एक साथ ब्याज देने पर ₹12,000, क्योंकि EMI में औसतन लगभग ₹55,154 ही आपके पास रहता है।
₹1 लाख के पर्सनल लोन पर 12% में कितना ब्याज लगेगा?
लगभग 12 महीने में ₹6,618, 24 महीने में ₹12,977, 36 महीने में ₹19,575 और 60 महीने में ₹33,476 (EMI पूरे रुपये में, जैसे बैंक लेते हैं)। लंबे लोन की EMI छोटी होती है, पर कुल ब्याज ज़्यादा, क्योंकि पैसा ज़्यादा समय आपके पास रहता है। Processing fee अलग से।
बैंक का 12% ब्याज कितने रुपये सैकड़ा है?
12 ÷ 12 = ₹1 सैकड़ा। साहूकार के सैकड़ा से, जब ब्याज हर महीने दिया जाता हो, इसी को मिलाइए। उसी लोन का flat rate (₹0.55 सैकड़ा) तुलना के लिए सही नहीं है।