चक्रवृद्धि ब्याज में बकाया ब्याज तय समय पर मूलधन में जुड़ता है और फिर उस पर भी ब्याज लगता है। मिश्रधन = मूलधन × (1 + दर/100)^समय। ₹1,00,000 पर 12% सालाना, हर साल जुड़े, तो 2 साल में ₹1,25,440 बनते हैं, साधारण ब्याज से ₹1,440 ज़्यादा। साल-महीने या तारीख डालें, हर कदम देखें।
चक्रवृद्धि ब्याज क्या है?
साधारण ब्याज में ब्याज सिर्फ़ मूलधन पर लगता है। चक्रवृद्धि ब्याज (जिसे लोग chakravridhi या chakravarti byaj भी लिखते हैं) में बकाया ब्याज हर तय समय पर, यानी हर महीने, तिमाही, छमाही या साल, मूलधन में जुड़ जाता है, और उसके बाद उस पर भी ब्याज लगता है। मूलधन और ब्याज का जोड़ मिश्रधन कहलाता है।
मिश्रधन A = P × (1 + R ÷ k)^(k × T)
P मूलधन, R सालाना दर (दशमलव में), k साल में कितनी बार ब्याज जुड़ता है, T साल। चक्रवृद्धि ब्याज = A − P। साल में एक बार जुड़े तो यही है: मिश्रधन = मूलधन × (1 + दर/100)^समय। हर तरह के सवाल, हल किए उदाहरणों के साथ: चक्रवृद्धि ब्याज का सूत्र।
| तरीका | मिश्रधन | ब्याज | असल सालाना दर |
|---|---|---|---|
| साधारण ब्याज | ₹1,60,000 | ₹60,000 | 12% |
| हर साल जुड़े | ₹1,76,234.17 | ₹76,234.17 | 12% |
| हर 6 महीने जुड़े | ₹1,79,084.76 | ₹79,084.76 | 12.36% |
| हर 3 महीने जुड़े | ₹1,80,611.12 | ₹80,611.12 | 12.55% |
| हर महीने जुड़े | ₹1,81,669.68 | ₹81,669.68 | 12.68% |
पाँच साल में हर साल ब्याज जोड़ने से साधारण ब्याज से ₹16,234 ज़्यादा बनता है; हर महीने जोड़ने से ₹21,670 ज़्यादा। ब्याज जितनी जल्दी-जल्दी जुड़े, रकम उतनी तेज़ बढ़ती है, इसीलिए हर महीने जुड़ने वाला 12% असल में 12.68% सालाना पड़ता है।
दो तारीखों के बीच चक्रवृद्धि ब्याज
तारीख से चुनें और पैसे देने की तारीख और जिस तारीख तक का हिसाब चाहिए, वह डालें। कैलकुलेटर शुरू की तारीख से कैलेंडर महीने गिनता है और हर पूरी अवधि पर ब्याज मूलधन में जोड़ता है। आख़िर में बची अधूरी अवधि पर नए मूलधन पर साधारण ब्याज लगता है, और बचे दिन महीने के 1/30 हिस्से के हिसाब से गिने जाते हैं। बैंक भी FD की अधूरी आख़िरी तिमाही पर असल दिनों का ब्याज इसी तरह देते हैं (RBI सर्कुलर, 2004)।
कैलकुलेटर में आज़माएँ₹1,00,000, ₹2 सैकड़ा, सालाना जोड़, 1 जनवरी 2026 से किसी तारीख तकउधार और लोन पर ब्याज पर ब्याज
उधार में चक्रवृद्धि लेने वाले पर भारी पड़ती है। ₹1,00,000 ₹2 सैकड़ा पर 2 साल बिना चुकाए पड़े रहें, तो साधारण ब्याज ₹48,000 बनता है, ब्याज हर साल मूलधन में जुड़े तो ₹53,760, और हर महीने जुड़े तो ₹60,843.71।
बैंक लोन: RBI के निर्देशों के अनुसार बैंक लोन पर ब्याज मासिक आधार पर लगाते हैं, कुछ खेती के लोन छोड़कर (RBI निर्देश)। EMI वाले लोन में हर किस्त पहले उस महीने का ब्याज चुकाती है, इसलिए समय पर EMI भरें तो जोड़ने को कुछ बचता ही नहीं। देर से भुगतान के पेनल चार्ज अलग हैं: बैंक और NBFC उन पर ब्याज नहीं लगा सकते (RBI सर्कुलर, 2023)। स्रोत 9 अक्टूबर 2026 को जाँचे गए।
सबसे आसान बचाव: हर बार ब्याज जुड़ने से पहले ब्याज चुका दें, तो मूलधन में कुछ नहीं जुड़ता और चक्रवृद्धि भी साधारण ब्याज जितनी ही पड़ती है। निजी साहूकार चक्रवृद्धि ब्याज ले सकता है या नहीं, यह राज्य के कानून पर टिका है; देखें साधारण बनाम चक्रवृद्धि ब्याज।
कैलकुलेटर में आज़माएँ₹1,00,000, ₹2 सैकड़ा, हर महीने ब्याज जुड़े, 2 साल8 छोटे जवाबचक्रवृद्धि ब्याज पर आम सवाल
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चक्रवृद्धि ब्याज कैसे निकालें?
सूत्र A = P × (1 + R ÷ k)^(k × T) से मिश्रधन (मूलधन + ब्याज) निकालें, फिर उसमें से मूलधन घटा दें: चक्रवृद्धि ब्याज = A − P। यहाँ R सालाना दर दशमलव में है, k साल में कितनी बार ब्याज जुड़ता है और T साल। ₹1,00,000 पर 12% सालाना, हर साल ब्याज जुड़े, 2 साल: ₹1,00,000 × 1.12 × 1.12 = ₹1,25,440। यानी ब्याज ₹25,440, जबकि साधारण ब्याज ₹24,000 ही बनता।
यह चक्रवृद्धि ब्याज कैलकुलेटर कैसे चलाएँ?
रकम, ब्याज दर (% सालाना या ₹ सैकड़ा महीना) और समय डालें, साल-महीने में या दो तारीखों से, फिर चुनें कि ब्याज कितने समय पर जुड़ता है। कुल रकम, ब्याज, उसमें ब्याज पर ब्याज कितना है, और साल-दर-साल तालिका, सब दिखता है। पूरा हिसाब, कदम-दर-कदम खोलें तो आपके आँकड़ों से सूत्र और हर बार जुड़ा ब्याज दिखेगा।
ब्याज पर ब्याज कैसे निकालते हैं?
हर तय अवधि पर बकाया ब्याज मूलधन में जोड़ दें, और अगला ब्याज इस नई रकम पर लगाएँ। ₹50,000 पर ₹2 सैकड़ा, साल में एक बार जोड़: पहले साल ब्याज ₹12,000, तो मूलधन ₹62,000 हुआ; दूसरे साल ब्याज ₹14,880; तीसरे साल ₹18,451.20। 3 साल बाद कुल ₹95,331.20 देने होंगे, जबकि साधारण ब्याज में ₹86,000। कैलकुलेटर में दर ₹ सैकड़ा / महीना में डालें।
तिमाही, छमाही या मासिक चक्रवृद्धि ब्याज कैसे निकालें?
सालाना दर को साल में ब्याज जुड़ने की गिनती से भाग दें, और सालों को उसी गिनती से गुणा करें। तिमाही यानी हर 3 महीने: 12% सालाना हर तिमाही 3% बनता है और 2 साल = 8 तिमाही, तो ₹1,00,000 × 1.03^8 = ₹1,26,677.01। छमाही में 6% से 4 बार, और मासिक में 1% से 24 बार।
हर महीने ब्याज जुड़े तो सालाना से कितना ज़्यादा बनता है?
एक ही सालाना दर पर ब्याज जितनी बार जुड़े, उतना ज़्यादा बनता है। ₹1,00,000 पर 12% से एक साल का ब्याज: सालाना जोड़ पर ₹12,000, छमाही पर ₹12,360, तिमाही पर ₹12,550.88 और हर महीने पर ₹12,682.51। यानी असल (प्रभावी) सालाना दर छमाही में 12.36%, तिमाही में 12.55% और मासिक में 12.68% है। ₹2 सैकड़ा हर महीने जुड़े तो यह 24% नहीं, 26.82% है।
क्या FD में चक्रवृद्धि ब्याज मिलता है?
आम तौर पर हाँ, अगर FD मैच्योरिटी पर पूरा पैसा एक साथ देती है: बैंक उसमें ब्याज अक्सर हर तिमाही जोड़ते हैं, तो ₹1,00,000 की FD 7% पर 5 साल में ₹1,41,477.82 बनती है। बैंक यह हिसाब कैसे करते हैं, कदम-दर-कदम: FD का ब्याज कैसे निकाले।
पैसा कितने साल में डबल होता है?
जल्दी अंदाज़े के लिए 72 को सालाना दर से भाग दें: 12% पर करीब 6 साल, जबकि हर साल ब्याज जुड़े तो असल में 6 साल 2 महीने लगते हैं। किसी भी दर पर, साधारण या चक्रवृद्धि, ठीक समय पैसा डबल कैलकुलेटर बताता है।
क्या इससे EMI, SIP या RD का हिसाब हो सकता है?
नहीं। यह कैलकुलेटर एक ही रकम को बढ़ते दिखाता है, बीच में न कुछ जमा होता है, न निकलता है। EMI में हर किस्त से बकाया घटता है, इसलिए ब्याज हर महीने कम होता है: इसके लिए EMI कैलकुलेटर देखें। SIP और RD में हर महीने पैसा जुड़ता है और हर किस्त अलग समय तक बढ़ती है, इसलिए उनका हिसाब अलग सूत्र से होता है।
हर आँकड़ा एक ही जाँचे-परखे इंजन से आता है, पैसे-पैसे तक सही। हम हिसाब कैसे करते हैं