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Flat रेट क्या होता है? Flat और reducing दर का फ़र्क, तालिका सहित

लोन और EMI7 मिनट

Flat rate में ब्याज पूरे लोन पर पूरी अवधि के लिए लगता है, चाहे आप किस्तों में लौटाते रहें; reducing rate में सिर्फ़ बचे हुए बकाया पर। इसलिए 12 महीने के लिए 12% flat असल में 21.46% reducing है, यानी करीब 1.8 गुना।

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Flat ब्याज दर का मतलब क्या है?

Flat rate में ब्याज एक बार, पूरे लोन पर, पूरी अवधि के लिए निकाल लिया जाता है। आप जितना भी लौटा दें, ब्याज कम नहीं होता। ब्याज लोन में जोड़कर कुल रकम को बराबर किस्तों में बांट दिया जाता है।

ब्याज = लोन × flat rate × साल

किस्त = (लोन + ब्याज) ÷ महीने

₹1,00,000, 12% flat, 12 महीने: ब्याज ₹12,000, किस्त ₹9,333 महीना। 12वें महीने तक आप पर बस एक किस्त बाकी रहती है, फिर भी ब्याज ऐसे दे रहे हैं जैसे पूरे ₹1,00,000 अब भी आपके पास हों।

Reducing balance rate क्या है?

Reducing rate (घटते बकाया पर दर) में हर महीने का ब्याज सिर्फ़ उस रकम पर लगता है जो अभी बाकी है। हर EMI से वह ब्याज चुकता होता है और लोन का कुछ हिस्सा भी लौटता है, इसलिए अगले महीने का ब्याज कम बनता है।

इस महीने का ब्याज = बकाया × सालाना दर ÷ 12 ÷ 100

₹1,00,000, 12% reducing, 12 महीने: EMI ₹8,885, कुल ब्याज ₹6,618। पहले महीने का ब्याज ₹1,000 है, आख़िरी महीने तक घटकर ₹87.96 रह जाता है। EMI कैसे निकलती है, यह EMI फार्मूला में देखिए।

एक ही लोन: flat बनाम reducing

₹1,00,000, 12 महीने के लिए
12% flat12% reducing
महीने की किस्त₹9,333₹8,885
कुल ब्याज₹12,000₹6,618
कुल भुगतान₹1,12,000₹1,06,618
असली (reducing) दर सालाना21.46%12%
सैकड़ा में₹1.79₹1

दोनों को "12%" कहा जाता है, पर flat वाला लोन ₹5,382 महंगा है और उसकी असली दर 21.46% सालाना है। कोई भी ब्याज दर सुनें, तो पहला सवाल यही पूछिए: flat है या reducing?

12वां महीना देखिए। Flat ब्याज को साल भर में बराबर बांटें तो हर महीने ₹1,000 बनता है, यानी 12वें महीने में भी ₹1,000 ब्याज, जबकि लोन का सिर्फ़ ₹8,333 चुकाना बाकी है। Reducing लोन में उस महीने का ब्याज ₹87.96 है।

Flat rate कौन बताता है और reducing कौन?

दोपहिया, पुरानी कार और घरेलू सामान के फ़ाइनेंस ऑफ़र, और कुछ पर्सनल लोन ऑफ़र, अक्सर flat rate में बताए जाते हैं। हर लेंडर का तरीका अलग हो सकता है, इसलिए अंदाज़ा मत लगाइए। साफ़ पूछिए "यह दर flat है या reducing?", जवाब लिखित में लीजिए, और Key Fact Statement में APR मांगिए।

Flat rate vs IRR: डीलर की शीट का मतलब

ऑफ़र की शीट पर दो दरें लिखी हो सकती हैं: flat rate और IRR। Flat rate पूरे लोन पर पूरी अवधि के लिए निकलती है। IRR (internal rate of return) reducing दर है: वह दर जिस पर आपकी किस्तें लोन चुकाती हैं, जब ब्याज सिर्फ़ बकाया रकम पर लगे। बैंक लोन या दूसरे ऑफ़र से तुलना IRR से ही कीजिए।

कैलकुलेटर में आज़माएँकिसी भी flat ऑफ़र का IRR, फ़ीस और एडवांस EMI समेत, flat रेट कैलकुलेटर में देखिए।

Flat से reducing दर: कन्वर्ज़न तालिका

बाईं ओर अपना flat rate और ऊपर लोन की अवधि देखिए। जवाब सिर्फ़ flat rate और महीनों पर निर्भर है, लोन की रकम पर नहीं।

हर flat rate के बराबर सालाना reducing rate
Flat rate12 महीने24 महीने36 महीने60 महीने
8%14.45%14.68%14.55%14.13%
10%17.97%18.16%17.92%17.27%
12%21.46%21.57%21.20%20.31%
15%26.62%26.58%25.98%24.68%
18%31.72%31.46%30.59%28.88%
कैलकुलेटर में आज़माएँअपना flat rate और अवधि डालकर असली reducing rate देखिए।

Reducing से flat दर: कन्वर्ज़न तालिका

उल्टी तरफ़ से देखें तो पता चलता है कि बैंक की दर साधारण ब्याज के हिसाब से कितनी बैठती है, यानी वह flat rate जिसमें कुल ब्याज उतना ही बने।

हर reducing rate के बराबर कुल ब्याज वाला सालाना flat rate
Reducing rate12 महीने36 महीने60 महीने
9%4.94%4.83%4.91%
10.5%5.78%5.67%5.79%
12%6.62%6.52%6.69%
14%7.74%7.68%7.92%
16%8.88%8.86%9.18%

यानी एक साल के लिए बैंक का 12% reducing सिर्फ़ 6.62% flat बैठता है। पर इससे बैंक लोन को असल से सस्ता मत समझिए: सैकड़ा और दूसरे लोन से तुलना reducing rate से ही क्यों करनी चाहिए, यह EMI और साधारण ब्याज में समझाया है।

Flat rate को reducing rate में खुद कैसे बदलें

इसका कोई एक लाइन वाला फार्मूला नहीं है, पर तरीका आसान है: वह reducing rate ढूंढिए जिसकी EMI flat वाली किस्त के बराबर हो।

  1. Flat किस्त निकालिए: (लोन + flat ब्याज) ÷ महीने। ₹1,00,000 पर 12 महीने के लिए 12% flat में यह ₹9,333.33 है।
  2. कोई reducing rate मानकर उसकी EMI निकालिए। 20% पर EMI ₹9,263.45 आती है: कम है। 22% पर ₹9,359.44: ज़्यादा है। यानी जवाब इन दोनों के बीच है।
  3. अंतर को घटाते जाइए जब तक EMI बराबर न हो जाए। जवाब आता है 21.46%।

Excel या Google Sheets में RATE फ़ंक्शन यह अंदाज़े वाला काम खुद कर देता है: =RATE(12, -9333.33, 100000)*12 से 21.46% आता है। या flat रेट कैलकुलेटर इस्तेमाल कीजिए, जो प्रोसेसिंग फ़ीस और एडवांस EMI भी गिनता है।

आसान नियम: reducing दर flat की करीब 1.7 से 1.8 गुना

पहली तालिका में हर reducing rate को उसके flat rate से भाग दीजिए। 1 से 3 साल के लोन में जवाब 1.7 से 1.83 के बीच रहता है। 5 साल के लोन में 1.6 से 1.77, और ऊंची दर पर कम। यह कभी 2 तक नहीं पहुंचता, इसलिए "लगभग दोगुना" असली दर को बढ़ा-चढ़ाकर बताता है, और कुछ तालिकाओं में दिखने वाला तय 1.84 भी।

Reducing rate ≈ flat rate × 1.7 से 1.8

1 से 3 साल के लोन के लिए। जल्दी अंदाज़े के लिए ठीक है; सही आंकड़ा flat रेट कैलकुलेटर से निकालिए।

ठीक दोगुना क्यों नहीं? किस्तों वाले लोन में पूरी अवधि में औसतन लोन के आधे से थोड़ा ज़्यादा पैसा आपके पास रहता है, क्योंकि बकाया धीरे-धीरे घटता है, और शुरू की किस्तों में ब्याज ज़्यादा होने से उनसे लोन कम चुकता होता है। Flat ब्याज पूरे लोन पर लगता है, इसलिए असल में पास रही रकम पर दर flat के दोगुने से थोड़ी कम निकलती है।

Monthly reducing rate का मतलब क्या है? (monthly reducing rate kya hota hai)

"Monthly reducing" का मतलब है कि ब्याज हर महीने, पिछली किस्त के बाद बचे बकाया पर निकाला जाता है। दर फिर भी सालाना बताई जाती है: 12% monthly reducing यानी बकाया पर 1% महीना, जो ₹1 सैकड़ा के बराबर है। इस पेज की सारी reducing दरें monthly reducing हैं।

अगर कोई लोन बकाया कम बार घटाता है, जैसे साल में एक बार, तो कुछ हिस्सा लौटा देने के बाद भी पूरे साल ब्याज साल की शुरुआत वाले बकाया पर लगता है, इसलिए उसी दर पर वह महंगा पड़ता है। आपका लोन एग्रीमेंट कौन सा तरीका लेता है, यह देखिए।

दो लोन ऑफ़र कैसे मिलाएं?

  1. रकम और महीने बराबर हैं? तो जिसकी किस्त कम है वही सस्ता है (फ़ीस जोड़ने से पहले)।
  2. हर flat rate को reducing rate में बदलिए।
  3. Processing fee और शुरू में कटने वाले बाकी चार्ज गिनिए: दर उस रकम पर निकालिए जो सच में हाथ आई।
  4. आख़िरी reducing rate मिलाइए। जो कम है, वही बेहतर।
कैलकुलेटर में आज़माएँफ़ीस के साथ ऑफ़र B जांचिए, फिर अपने ऑफ़र आज़माइए।

Key Fact Statement में APR मांगिए

RBI के नियमों के तहत बैंक और NBFC रिटेल और MSME लोन पर साइन होने से पहले ग्राहक को Key Fact Statement (KFS) देते हैं। इसमें Annual Percentage Rate (APR) लिखा होता है, यानी फ़ीस और चार्ज मिलाकर लोन का सालाना खर्च। बैंक और NBFC जैसे RBI के दायरे वाले लेंडरों के लोन मिलाने हों, तो APR मिलाइए। प्राइवेट साहूकार या दुकान की स्कीम में KFS नहीं मिलता, वहां ऊपर के तरीके से दर खुद बदलिए।

8 छोटे जवाब

Flat और reducing दर: आम सवाल

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Flat और reducing ब्याज दर में क्या अंतर है?

Flat rate में ब्याज पूरे लोन पर पूरी अवधि के लिए लगता है, भले आप हर महीने लौटाते रहें; reducing rate में सिर्फ़ बचे हुए बकाया पर। इसलिए एक ही नंबर का खर्च अलग होता है: ₹1,00,000 पर 12 महीने के लिए 12% flat का ब्याज ₹12,000 है और 12% reducing का ₹6,618।

Flat rate अच्छा है या reducing rate?

एक ही नंबर पर reducing हमेशा सस्ता है। Flat ऑफ़र तभी बेहतर है जब reducing में बदलकर और फ़ीस जोड़कर उसकी दर कम निकले। ₹2,00,000, 36 महीने के लिए 9% flat असल में 16.24% है, इसलिए ₹4,000 फ़ीस वाला 14% reducing (15.43%) सस्ता लोन है।

Flat rate को reducing में बदलने का कोई फार्मूला है?

एक लाइन का सटीक फार्मूला नहीं है, क्योंकि reducing rate EMI फार्मूले के अंदर रहती है और अंदाज़े से जांचकर निकालनी पड़ती है। 1 से 3 साल के लोन में जल्दी अंदाज़े के लिए flat rate को 1.7 से 1.8 से गुणा कीजिए। सही आंकड़े के लिए हमारा flat रेट कैलकुलेटर देखिए: 12 महीने के लिए 12% flat = 21.46% reducing।

क्या flat rate और fixed rate एक ही हैं?

नहीं। Flat या reducing से पता चलता है कि ब्याज कैसे लगता है: पूरे लोन पर, या सिर्फ़ बचे बकाया पर। Fixed या floating से पता चलता है कि लोन के दौरान दर बदल सकती है या नहीं। इसलिए कोई लोन fixed और flat, fixed और reducing, या floating और reducing हो सकता है।

कैसे पता करें कि मेरा लोन flat rate पर है या reducing पर?

किस्तों की तालिका में कुल ब्याज देखिए। अगर वह लोन × दर × साल के बराबर है, तो दर flat है: ₹1,00,000 पर एक साल का 12% flat ब्याज ₹12,000 है। 12% reducing पर यह सिर्फ़ ₹6,618 होता। बैंक और NBFC को Key Fact Statement भी देना होता है, जिसमें APR लिखा होता है, यानी सारे चार्ज मिलाकर सालाना खर्च।

Flat rate पर EMI कैसे निकाले?

पूरे लोन पर ब्याज निकालिए, उसे लोन में जोड़िए और महीनों से भाग दीजिए। ₹50,000, 10% flat, 2 साल: ब्याज ₹10,000, तो किस्त ₹60,000 ÷ 24 = ₹2,500 महीना। यह 10% नहीं, 18.16% reducing के बराबर है।

1 रुपये सैकड़ा flat का असली ब्याज कितना है?

₹1 सैकड़ा flat यानी पूरे लोन पर 12% सालाना flat। पर पैसा किस्तों में लौटता है, इसलिए बकाया रकम पर असली खर्च ज़्यादा है: 12 महीने की किस्तों वाले लोन पर यह 21.46% सालाना reducing है, लगभग ₹1.79 सैकड़ा। तुलना इसी से कीजिए।

Monthly reducing rate क्या होता है?

इसका मतलब है कि ब्याज हर महीने, पिछली किस्त के बाद बचे बकाया पर निकाला जाता है। दर सालाना बताई जाती है, इसलिए 12% monthly reducing यानी बकाया पर 1% महीना, ₹1 सैकड़ा के बराबर। EMI का आम फार्मूला इसी तरह चलता है।

इसके लिए कैलकुलेटर

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