ब्याज = रकम × सैकड़ा ÷ 100 × महीने; सैकड़ा यानी हर ₹100 पर महीने के रुपये। देने की तारीख से पूरे कैलेंडर महीने गिनें, फिर बचे दिन, हर दिन महीने का 1/30। ₹1,00,000 पर ₹2 सैकड़ा, 15 जनवरी से 10 मार्च 2026 तक 1 महीना 23 दिन का ब्याज ₹3,533.33 है। % सालाना दर भी चलती है।
ब्याज कैसे निकलता है
ब्याज = रकम × सैकड़ा ÷ 100 × महीने
देने की तारीख से पूरे कैलेंडर महीने गिने जाते हैं। बचे हुए दिन महीने के 1/30 हिस्से के हिसाब से।
मासिक ब्याज: महीने-दर-महीने और हर दिन का ब्याज
महीने-दर-महीने ब्याज की तालिका जवाब को देने की तारीख से गिने कैलेंडर महीनों में बाँटती है: हर महीने का ब्याज और उस तारीख तक का कुल ब्याज। बचे दिन आख़िरी लाइन में आते हैं। आख़िरी लाइन हमेशा ऊपर वाले जवाब के बराबर होती है।
| महीना | कब तक | उस महीने का ब्याज | अब तक का ब्याज |
|---|---|---|---|
| 1 | 15 फ़रवरी 2026 | ₹2,000 | ₹2,000 |
| + 23 दिन | 10 मार्च 2026 | ₹1,533.33 | ₹3,533.33 |
हर दिन का ब्याज = महीने का ब्याज ÷ 30। ₹1,00,000 पर ₹2 सैकड़ा से महीने के ₹2,000, यानी रोज़ ₹66.67। तारीखों के बिना सिर्फ़ दिनों का ब्याज चाहिए, या बैंक के ÷ 365 से मिलाना है, तो दिन का ब्याज कैलकुलेटर खोलें। एक ही दर पर कई रकमों का ब्याज देखने के लिए ब्याज चार्ट है।
ब्याज कैलकुलेटर किन कामों में आता है
- दोस्त या रिश्तेदार को दिया उधार: पैसा देने की तारीख और आज की तारीख डालें, फिर हिसाब भेज दें, ताकि महीनों पर बहस न हो।
- दुकान की उधारी: बिल की तारीख से तय दर पर बकाया बिल का ब्याज निकाल लें।
- गिरवी रखा सोना-चाँदी, महीने की दर पर: गिरवी की तारीख से महीने और दिन गिनकर माँगा गया ब्याज जाँचें।
- किसी तारीख से % सालाना का दावा: नोटिस या अदालती दावे में किसी तारीख से सालाना दर पर ब्याज माँगा गया हो, तो % सालाना चुनें और दोनों तारीखें डालें।
- बीच में कुछ पैसा लौटा हो: पार्ट पेमेंट ब्याज कैलकुलेटर खोलें, जिसमें हर भुगतान पहले ब्याज चुकाता है।
गाँव का ब्याज (सैकड़ा) या बैंक का ब्याज (% सालाना)?
दोनों एक ही साधारण ब्याज की दो बोलियाँ हैं। गाँव, बाज़ार और रिश्तेदारी के लेन-देन में ब्याज रुपये सैकड़ा में बोला जाता है: हर ₹100 पर महीने के रुपये। बैंक % सालाना बताते हैं। सालाना दर के लिए सैकड़ा को 12 से गुणा करें: ₹1 सैकड़ा = 12% सालाना, ₹2 सैकड़ा = 24% सालाना। "2 टका ब्याज" को भी आम तौर पर ₹2 सैकड़ा ही समझा जाता है।
नाम कुछ भी हो, ब्याज, सूद या व्याज (मराठी और गुजराती में), हिसाब एक ही है। कैलकुलेटर दर को आपकी चुनी इकाई में ही रखता है और चुपचाप गोल नहीं करता। पढ़ें: रुपये सैकड़ा का मतलब।
जब बकाया ब्याज पर भी ब्याज लगे
और विकल्प में बकाया ब्याज को हर महीने, तिमाही, छमाही या साल मूलधन में जोड़ सकते हैं। यही चक्रवृद्धि ब्याज (ब्याज पर ब्याज) है। तुलना के लिए चक्रवृद्धि ब्याज कैलकुलेटर देखें।
8 छोटे जवाबब्याज कैलकुलेटर: आम सवाल, सीधे जवाब
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क्या ब्याज कैलकुलेटर तारीख से तारीख तक का ब्याज निकालता है?
हाँ। कब दिए में पैसा देने की तारीख और कब तक में आख़िरी तारीख डालें, या आज तक का ब्याज चाहिए तो आज दबाएँ। कैलकुलेटर पहली तारीख से पूरे कैलेंडर महीने गिनता है, फिर बचे दिन, हर दिन महीने का 1/30। ₹1,00,000 पर ₹2 सैकड़ा, 15 जनवरी से 10 मार्च 2026 तक 1 महीना 23 दिन का ब्याज: ₹3,533.33।
क्या दिनों, महीनों या सालों का ब्याज निकाल सकते हैं?
हाँ। दोनों तारीखें डालें, या जल्दी चुनें में 3 महीने, 6 महीने, 1 साल या 2 साल दबाएँ, बीच के महीने और दिन कैलकुलेटर ख़ुद गिनता है। तारीखों के बिना सिर्फ़ दिनों का ब्याज चाहिए तो दिन का ब्याज कैलकुलेटर जल्दी है: ₹1,00,000 पर ₹2 सैकड़ा से 10 दिन का ब्याज ₹666.67 है।
क्या सैकड़ा की जगह सालाना % दर डाल सकते हैं?
हाँ। दर को % सालाना पर कर दें, नीचे वही दर सैकड़ा में दिखती है: 12% सालाना = ₹1 सैकड़ा। बदलने पर दर वही रहती है, यानी ₹2 सैकड़ा 24% बन जाता है। ₹1,00,000 पर 12% सालाना से 2 साल का ब्याज ₹24,000 है।
हर महीने का ब्याज कितना बनता है, यह कैसे देखें?
साधारण ब्याज में नतीजे में हर महीने का ब्याज दिखता है, और महीने-दर-महीने ब्याज की तालिका में हर महीने का ब्याज और अब तक का जोड़। ₹1,00,000 पर ₹1.5 सैकड़ा से हर महीने ₹1,500, और साल भर का ₹18,000। ब्याज मूलधन में जुड़ता हो तो ये नहीं दिखते, क्योंकि तब हर महीने का ब्याज बढ़ता जाता है।
क्या इससे चक्रवृद्धि ब्याज भी निकलता है?
हाँ। और विकल्प में ब्याज का प्रकार बदलकर ब्याज पर ब्याज हर महीने, 3 महीने, 6 महीने या साल चुनें; तब बकाया ब्याज हर बार मूलधन में जुड़ता है। ₹1,00,000 पर ₹2 सैकड़ा से एक साल में साधारण ब्याज ₹24,000, और हर महीने जुड़े तो ₹26,824.18। साल-दर-साल तुलना के लिए चक्रवृद्धि ब्याज कैलकुलेटर देखें।
"समय कैसे गिनें" में कौन-सा विकल्प चुनें?
सैकड़ा वाले उधार और बही के हिसाब के लिए महीने + दिन ही रहने दें, यही पहले से चुना है। बैंक या फ़ाइनेंस कंपनी से मिलान करना हो तो असली दिन ÷ 365 चुनें। 30 दिन या ÷ 360 वाले विकल्प तभी चुनें जब लिखा-पढ़ी में यही तय हो। ₹1,00,000 पर 24% सालाना, 10 जनवरी से 25 मार्च 2026: महीने + दिन से ₹5,000, असली दिन ÷ 365 से ₹4,865.75।
बीच में कुछ पैसा लौटा हो तो ब्याज कैसे निकाले?
पार्ट पेमेंट के साथ ब्याज कैलकुलेटर इस्तेमाल करें। यह कैलकुलेटर एक रकम पर दो तारीखों के बीच का ब्याज निकालता है; वह हर दी और लौटाई रकम उसकी तारीख के साथ लेता है, हर भुगतान से पहले बकाया ब्याज चुकता करता है (आम चलन यही है) और बाकी रकम दिखाता है। नियम: बीच में पैसा लौटाने पर: पहले ब्याज या पहले मूल।
कैलकुलेटर दामदुपट की चेतावनी क्यों दिखाता है?
जब बकाया ब्याज मूलधन के 80% तक पहुँचता है, और फिर जब पूरे मूलधन के बराबर हो जाता है, तब चेतावनी आती है, क्योंकि कुछ राज्यों में अदालतें एक बार में मूलधन से ज़्यादा ब्याज की वसूली नहीं मानतीं। ₹1,00,000 पर ₹2 सैकड़ा से ऐसा 40 महीने (₹80,000 ब्याज) और 50 महीने बाद होता है। पढ़ें: दामदुपट नियम।
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